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मेरठ जिला कारागार की निगहबानी करेंगे ‘बिग बॉस’, कंट्रोल रूम होगा सेंट्रलाइज 

Tue, 25 Dec 2018 05:17 PM IST
Dimple Sirohi अश्वनी जौहरी, अमर उजाला, मेरठ
अश्वनी जौहरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 25 Dec 2018 05:17 PM IST
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Meerut District Prisons will be under control by Big Boss, Control Room Centralize
jail
रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ की तर्ज पर कारागार मंत्रालय भी जेलों की आंतरिक सुरक्षा पर नजर रखेगा। पूरा जेल परिसर हाइडेफिनेशन सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा। खास बात यह है कि इन सभी जेलों को लखनऊ में बनाये जा रहे कंट्रोल रूम से जोड़ा जाना है। इसके बाद वहां बैठे विभागीय ‘बिग बॉस’ भी समय-समय पर जेल की सुरक्षा का मुआयना कर सकेंगे। तीन चरणों में यह काम होगा, जिसके पहले चरण में जिला जेल भी शामिल है।
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चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में सुरक्षा के लिहाज से वर्तमान में 12 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनका एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से जेल के अधिकांश हिस्से पर नजर रखी जाती है। मगर पिछले कुछ सालों में जेलों के अंदर घटी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किये हैं।
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मामला 2007 में मेरठ जेल में बंदियों द्वारा सुरंग बनाने का रहा हो, पिछले दिनों बागपत जेल में पूर्वांचल के कुख्यात मुन्ना बजरंगी की हत्या या फिर जेल के अंदर से संचालित आपराधिक घटनाओं का हो, सभी में शासन ने अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत महसूस की। इसी से जुड़ा एक प्रस्ताव लाया गया और उसे हरी झंडी भी मिल गई। इसी के तहत जेलों में सुरक्षा के लिहाज से कैमरों की संख्या बढ़ाने और हाईडेफीनेशन कैमरों से जेलों को लैस किये जाने का निर्णय लिया गया। 
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यहां जेल में लगेंगे 50 कैमरे
जिला जेल में हाल में 18 कैमरे लगे हैं। पूर्व के 12 कैमरों को मिलाकर अब यहां 30 कैमरे हो गए हैं। जल्द 20 कैमरे लगाकर आधुनिक कंट्रोल रूम बनेगा, जो वरिष्ठ जेल अधीक्षक और जेलर के अलावा लखनऊ से जुड़ेगा। यह कैमरे इस तरह लगेंगे कि हर बैरक की गतिविधि पर आसानी से नजर रखने के साथ किसी विपरीत स्थिति में समय रहते कार्रवाई हो की जा सके।

मेटल डिटेक्टर भी
जिला कारागार में इन दिनों केवल दो मेटल डिटेक्टर हैं। तीन खराब पड़े हैं। मेटल डिटेक्टर न होने के कारण कायदे से चेकिंग नहीं हो पाती है। नई सुरक्षा व्यवस्था में जिला जेल को जल्द ही छह हाइटेक मेटल डिटेक्टर भी मिलने हैं।

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