जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: आखिर टूट गया विपक्ष का सपना, भाजपा के गौरव चौधरी निर्विरोध जीते, पढ़ें दिलचस्प किस्सा
यहां जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव के लिए आखिरकार विपक्ष का सपना टूट गया। सपा प्रत्याशी सलोनी गुर्जर का पर्चा निरस्त होने से भाजपा के गौरव चौधरी निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में ठीक वैसा ही हुआ, जैसा कुछ दिन से नजर आ रहा था। शनिवार सुबह से चले नाटकीय घटनाक्रम का शाम पांच बजे पटाक्षेप हुआ, जिसमें सपा प्रत्याशी सलोनी गुर्जर के अनुमोदक द्वारा अनुमोदन से ही इनकार करने पर निर्वाचन अधिकारी ने सलोनी का पर्चा निरस्त कर दिया। इस कारण भाजपा के गौरव चौधरी निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
विपक्ष का प्रत्याशी पर्चा न भर पाए, भाजपा ने सुबह से ही इसकी रणनीति पर काम शुरू कर दिया था। वहीं पर्चा दाखिल कराने के लिए सपा और रालोद नेता बाउंड्री रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में एकत्र हुए। यहां सलोनी के प्रस्तावक के रूप में वार्ड दो की सदस्य मुनेश और अनुमोदक के रूप में वार्ड 10 से सदस्य अश्वनी शर्मा का नाम तय किया गया। सलोनी का पर्चा दाखिल होने की बात पता चलते ही भाजपा में हड़कंप मच गया, क्योंकि भाजपा नेता किसी भी कीमत पर निर्विरोध निर्वाचन चाहते थे।
वहीं सलोनी के बाद भाजपा नेता पूरे दलबल के साथ गौरव चौधरी का पर्चा दाखिल कराने पहुंचे। उनके साथ मेरठ सांसद राजेंद्र अग्रवाल, बागपत सांसद डॉ. सतपाल सिंह, विधायक ठा. संगीत सोम, जितेंद्र सतवाई, सत्यवीर त्यागी, सत्यप्रकाश अग्रवाल, सोमेंद्र तोमर, एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल, जिलाध्यक्ष अनुज राठी और महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल मुख्य रूप से रहे। भाजपा ने गौरव चौधरी के नामांकन में सुनील प्रधान को प्रस्तावक और ऋषि त्यागी को अनुमोदक बनाया। जिलाधिकारी और निर्वाचन अधिकारी के. बालाजी ने दोनों प्रत्याशियों के पर्चे लिए।
दोपहर तीन बजे के बाद नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई। इस बीच भाजपा की तरफ से आपत्ति दी गई कि सलोनी के नामांकन पत्र में अनुमोदक के हस्ताक्षर गलत हैं और अनुमोदक इस बात को शपथ पत्र के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। इस पर निर्वाचन अधिकारी ने अनुमोदक अश्वनी शर्मा को अपने समक्ष प्रस्तुत होने का आदेश दिया। अश्वनी शर्मा से व्यक्तिगत वार्ता के बाद निर्वाचन अधिकारी ने सलोनी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया।
भाजपा जीती नहीं, चुनाव से भागी
पूरी तरह से सत्ता के दबाव में काम हो रहा है। हकीकत यह है कि भाजपा जीती नहीं, बल्कि चुनाव से भागी है। यदि चुनाव होता तो हम अपनी ताकत का अहसास कराते। - राजपाल सिंह, जिला अध्यक्ष, सपा
भाजपा की एकजुटता की जीत
विपक्ष के पास प्रत्याशी सहित दो सदस्य बचे थे। अश्वनी शर्मा को बहलाकर ले गए थे। गलती का अहसास होने पर उन्होंने प्रत्याशी का अनुमोदक बनने से इनकार कर दिया। - अनुज राठी, जिलाध्यक्ष, भाजपा