Meerut : मदरसा इस्लामी अरबी कॉलेज में 23 छात्रों की दस्तारबंदी, जश्ने बुखारी शरीफ का भी आयोजन
मदरसा इस्लामी अरबी में बुधवार को दस्तारबंदी, शैक्षिक सम्मेलन व जश्ने बुखारी शरीफ का आयोजन किया गया।
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मदरसा इस्लामी अरबी में बुधवार को दस्तारबंदी, शैक्षिक सम्मेलन व जश्ने बुखारी शरीफ का आयोजन किया गया। मदरसे के 23 छात्रों की दस्तारबंदी की गई। अंदर कोट गुजरी में आयोजित कार्यक्रम में मुफ्ती सदरुलवरा साहब कादरी मिस्बाही उस्तादुल हदीस जामिया अशरफिया ने छात्रों को बुखारी शरीफ की आखिरी हदीस पढ़ाई।
उन्होंने हदीस व इमाम बुखारी के जीवन और उनकी सेवाओं पर प्रकाश डाला। अमन चैन के लिए विशेष दुआ कराई गई। मुफ्ती सदरुलवरा ने इस्लामी समाज के महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि हम उस मजहब से संबंध रखते हैं, जिसके पैरोकार हजरत मोहम्मद साहब हैं। मोहम्मद साहब ने अपने आचरण और चरित्र से कयामत के दिन तक इस्लाम को पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श बना दिया।
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मुफ्ती मोहम्मद रहमतुल्लाह ने धार्मिक और समकालीन शिक्षा की आवश्यकता और महत्व के बारे में कहा कि ज्ञान वह सार है, जो राष्ट्रों के विकास को संचालित करता है। शिक्षा से लापरवाह लोग दुनिया की ठोकरों में रहते हैं।
मुफ्ती ए आजम मेरठ मौलाना इश्तियाक उल कादरी ने मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि मदारिसे इस्लामी में मानव जाति को न केवल एक सच्चा मुसलमान बनाया जाता है, बल्कि उसे एक आदर्श इंसान भी बनाया जाता है। अंत में दूर दराज से आए मशहूर शोअरा ए कराम ने अपने-अपने अशआर पेश किए।
मदरसे के प्रबंधक भय्या शेख गुलाम कुतुबुद्दीन साबरी, प्रधानाचार्य हाजी मौलाना शम्स कादरी, हमीदुल्लाह खां, रईस अहमद, मौलाना वासिफ रज़ा, मौलाना नौशाद आलम, गुलाम हुसैन, शहाबुद्दीन, कारी मो. इसरार, मो. मसूद, ताजदार अहमद खान मौजूद रहे।