अकबर-बंजारा मुठभेड़: पिता बोला- बेकसूर थे बेटे, रसूखदारों ने रची साजिश, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दो लाख का इनामी रहा अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान असम में मुठभेड़ में ढेर हो गए हैं। दोनों भाइयों को मेरठ पुलिस ने एक सप्ताह पहले गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को असम पुलिस ने रिमांड पर ले रखा था। मंगलवार सुबह दोनों असम पुलिस से छूटकर भाग गए थे, इसके बाद दोनों की पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें वह मारे गए।
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बता दें कि असम पुलिस ने दोनों भाइयों को सात दिन की रिमांड पर लिया हुआ था। वहीं मंगलवार सुबह असम पुलिस उनको कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी, इसी दौरान दोनों भाई पुलिस से छूटकर भाग गए।
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इसके बाद असम पुलिस की दोनों भाइयों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों भाई मारे गए। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में गो-तस्कर अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान मारे गए हैं। दोनों के खिलाफ मेरठ में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। गोकशी करने के बाद अकबर बंजारा गो मांस असम से दूसरे राज्यों में सप्लाई करता था।
मृतक बदमाशों के पिता हाजी पीरू बंजारे ने मीडिया को बताया कि उनके बेटों को साजिश के तहत मरवाया गया है। बेटा पहले असम में वह पशुओं का व्यापार करता था। करीब पांच वर्ष पूर्व कारोबार उसके बेटों ने संभाल लिया था। असम में कुछ लोगों ने गोवंश पकड़े जाने पर उसके बेटों का नाम ले दिया था।
असम के दो मुकदमे के अलावा उसके बेटों पर कोई अपराधिक मुकदमे दर्ज नहीं थे। पीरू ने बताया कि पिछले दिनों पुलिस द्वारा फलावदा में पकड़े गए ट्रक में दर्ज किया गया गोकशी का मामला भी उसके बेटों पर लगाया गया था। एक मामले में फैसला होने के बावजूद पड़ोसी की तहरीर पर फलावदा पुलिस ने रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर लिया। पीरू ने कहा कि अकबर के पास एक मकान व एक मार्केट है, जो लोन लेकर बनाया गया है।
बेटों के शव लेने परिजन असम रवाना
अकबर के पिता पीरू बंजारे ने बताया कि दोनों बेटों के शव लेने के लिए परिवार के चार लोग असम भेज दिए गए हैं। हालांकि अभी वहां पर उनका पोस्टमार्टम नहीं हुआ है।