चेतन मर्डर केस: मां-भाई को खोया, अब तक नहीं मिला इंसाफ, दहशत में जी रहा परिवार
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मेरठ में हसनपुर रजापुर निवासी मितन ने भाई चेतन को इंसाफ दिलाने में मां सावित्री को खो दिया। मां व बेटे के हत्यारोपी गांव के ही लोग हैं। हत्यारोपी के खिलाफ पुलिस की कड़ी सुरक्षा में दोनों भाइयों की गवाही हो चुकी है। पुलिसवाले कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंच रहे हैं जिस कारण सुनवाई रुकी है। पीड़ित परिवार ढाई साल से दहशत में है। उनकी सुरक्षा में पुलिस फोर्स लगी है। अब परिवार को इंसाफ का इंतजार है। चेतन हत्याकांड में गवाहों को रोकने के लिए पहले सावित्री को मौत के घाट उतारा और फिर उसके दामाद को मारा।
यह था मामला
13 जुलाई 2016 को सरूरपुर के हसनपुर रजापुर गांव निवासी चेतन (26) की हत्या हुई। जिसमें कुख्यात सुमित जाट व उसका भाई सुजीत और अशोक, संजय, प्रकाश नामजद हुए। बेटे की हत्या में उसकी मां सावित्री व दोनों भाई मितन, रवि चश्मदीद गवाह बने। केस ट्रायल पर पहुंचा तो हत्यारोपियों ने सावित्री की तीन फरवरी 2018 को हत्या कर दी। सावित्री की हत्या की पैरोकारी करने पर हत्यारोपियों ने एक सप्ताह बाद उनके दामाद बबलू निवासी झिटकरी सरधना को मार दिया।
यह फोटो एक फरवरी 2018 की है, जिसमें हसन रजापुर निवासी सावित्री और उसका बेटा मितन एसएसपी मंजिल सैनी के सामने गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें सुरक्षा दी जाए। उसके तीन दिन बाद सावित्री की हत्या कर दी गई।
खौफ में दो परिवार
इस प्रकरण में दो परिवार दहशत में हैं। मितन और रवि की सुरक्षा में हसनपुर रजापुर में करीब 12 पुलिस वाले तैनात हैं। वहीं, दामाद बबलू कुमार की हत्या के बाद उसकी पत्नी व बच्चे झिटकरी गांव में खौफ में हैं। उनकी सुरक्षा में भी पुलिस लगी है। दोनों परिवार के लोग अपने-अपने घर से नहीं निकल रहे। दोनों ही परिवार मजदूरी कर परिवार का पेट पालते थे, लेकिन हत्या के बाद से उनकी मजदूरी भी छूट गई। सरकार की आर्थिक मदद से परिवार पल रहा है।
संगीनों के साये में गवाही पूरी
चेतन हत्याकांड का मामला एससी-एसटी कोर्ट में विचाराधीन है। वादी की तरफ से सीनियर अधिवक्ता हरेंद्र कुमार और आरोपी पक्ष से सीनियर अधिवक्ता सुनील चिंदौड़ी केस लड़ रहे हैं। इस केस में मितन और रवि की संगीनों के साये में गवाही पूरी हो चुकी। तत्कालीन सीओ की गवाही होनी बाकी है। जिसके बाद दोनों वकीलों ने जिरह होगी। पीड़ित मितन का कहना कि चेतन, मां सावित्री और बबलू को इंसाफ दिलाने के लिए वह कोर्ट में लड़ रहे हैं। अब उनको इंसाफ का इंतजार है।
लखनऊ तक गूंजा मामला
चेतन, सावित्री और बबलू की हत्या का मामला लखनऊ तक गूंजा था। पुलिस ने हत्यारोपी सुजीत जाट को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। जबकि अन्य आरोपी अभी जेल में बंद है। पुलिस का कहना है कि परिवार की सुरक्षा में पहले पीएसी लगी थी। फिलहाल पीएसी हटाकर दस पुलिसकर्मी, दो दरोगा की गारद लगी है। मितन व रवि को शस्त्र लाइसेंस दिया हुआ है। सावित्री और बबलू की हत्या में नामजद पांच लोग जमानत पर बाहर आए हैं।
गवाही जल्द कराएंगे
हसनपुर रजापुर में पीड़ित परिवार की सुरक्षा में पर्याप्त फोर्स लगा है। पुलिस दोनों भाइयों की गवाही करा चुकी है। इस मामले में पुलिस गंभीर है। जिसकी गवाही रुकी है, उसको जल्द कराया जाएगा। कोर्ट में मामला विचाराधीन है। - अखिलेश कुमार, एसएसपी
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