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Meerut: भाजपा नेत्री डॉ. सरोजनी अग्रवाल के मेडिकल कॉलेज में सीबीआई का छापा, आठ घंटे तक की जांच, रिकार्ड खंगाले
Thu, 12 Mar 2026 09:01 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 12 Mar 2026 09:01 PM IST
सार
पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल के खरखौदा स्थित एनसीआर मेडिकल कॉलेज में सीबीआई की टीम ने कार्यवाही की। सीटें बढ़ाने के लिए रिश्वत देने के मामले में कॉलेज की असिस्टेंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शिवानी अग्रवाल का नाम भी सामने आया था।
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डॉ. सरोजिनी अग्रवाल व उनकी बेटी शिवानी अग्रवाल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा नेत्री व पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल के एनसीआर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल कॉलेज में सीबीआई टीम ने गोपनीय रूप से आठ घंटे तक जांच की। पिछले वर्ष भी रिश्वत के मामले में सीबीआई व ईडी की टीम ने कई बार जांच की।
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बुधवार सुबह करीब 10 बजे सीबीआई की आठ सदस्य टीम एनसीआर मेडिकल कॉलेज पहुंची। अस्पताल न पहुंचकर सीधे कॉलेज परिसर में बने प्रशासनिक कार्यालय में जाकर विशेष फोर्स लगाकर कॉलेज परिसर को प्रवेश वर्जित कर दिया गया। आठ घंटे तक टीम ने कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों से गहनता से पूछताछ की।
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हालांकि इस दौरान सरोजनी अग्रवाल, शिवानी अग्रवाल कोई भी जांच कक्ष में नहीं पहुंचे। टीम ने केवल प्रशासनिक अधिकारियों से ही पूछताछ करते हुए साक्ष्य जुटाए। पूरी कार्रवाई के दौरान टीम ने वीडियोग्राफी भी कराई। इस कार्यवाही की लोकल पुलिस को भी जानकारी नहीं दी गई।
गत वर्ष 30 जून को भ्रष्टाचार व रिश्वत में गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में पूरे देश के कई मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज व एनएमसी के अधिकारियों सहित 35 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस दौरान सीबीआई टीम ने एनएमसी के तीन चिकित्सकों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार भी किया था। यह रिश्वत मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ाने को लेकर दी गई थी।
इस मामले में एनसीआर मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शिवानी अग्रवाल का भी नाम था। शिवानी अग्रवाल द्वारा एनसीआर मेडिकल कॉलेज में 50 अन्य सीट बढ़ाने को लेकर राजस्थान के गीतांजलि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मयूर रावल व दिल्ली की एमएस टेक्निफाई सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रोजेक्ट हेड आर रणदीप नायर से मोबाइल पर बातचीत करने के साक्ष्य मिले थे।
2025 में भी सीबीआई टीम ने देश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में छापा मारा था। बाद में ईडी की टीम ने भी मेडिकल कॉलेज में छापामारी की थी। इस कार्रवाई के बाद एनसीआर मेडिकल कॉलेज सहित छह मेडिकल कॉलेज के लिए 2025-2026 सत्र के जीरो ईयर घोषित किया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट द्वारा एनसीआर मेडिकल कॉलेज के मामले में इस आदेश पर रोक लगा दी थी।
प्रशासनिक कार्यालय में लगी आग से जल गया था सभी रिकॉर्ड
सीबीआई ईडी के छापेमारी के बाद दिसंबर 2025 में मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड रूम में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी, जिसमें कॉलेज का सभी रिकॉर्ड जल गया था। हालांकि आग प्रकरण से लोगों ने आशंका जताई थी कि सीबीआई की कार्रवाई से बचने को लेकर आग लगाने की साजिश है।
सीबीआई ईडी के छापेमारी के बाद दिसंबर 2025 में मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड रूम में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी, जिसमें कॉलेज का सभी रिकॉर्ड जल गया था। हालांकि आग प्रकरण से लोगों ने आशंका जताई थी कि सीबीआई की कार्रवाई से बचने को लेकर आग लगाने की साजिश है।