MEERUT: अभियान का नहीं कोई असर, जमकर नियम तोड़ रहे शहरवासी, चार दिन में ही 2 लाख जुर्माना
मेरठ में यातायात नियमों को लेकर शहरवासी बिल्कुल भी सजग नहीं हैं। तमाम अभियान और जागरुकता कार्यक्रम चलाने के बावजूद लोग नियमों का पालने करने को तैयार नहीं हैं। यातायात माह के तहत केवल चार ही दिन में सेकड़ों लोगों के चालान किए जा चुके हैं।
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मेरठ में यातायात माह के तहत जागरूक करने के बावजूद शहर में नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है। लोगों को चालान का कोई डर नहीं है। वे नियमों की परवाह किए बिना नियम तोड़कर वाहन दौड़ा रहे हैं।
बस उन्हें अपनी मर्जी से वाहन दौड़ाने है। आईटीएमएस चौराहों पर जहां प्रतिदिन हजारों चालान ऑनलाइन कट रहे हैं, वहीं यातायात माह के तहत भी चालान काटे जा रहे हैं। नियमों की अनदेखी का आलम यह है कि महज चार दिन में ही शहर के 2570 लोग चालान कटवा चुके हैं और उनसे 2 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला जा चुका है।
एक से 30 नंवबर तक यातायात माह मनाया जाता है। इसके तहत दुपहिया चालकों को हेलमेट लगाने, नशे में वाहन न चलाने, चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट, प्रदूषण सहित अन्य प्रमाण पत्रों के साथ वाहनों का संचालन करने की हिदायत दी जा रही है। चालान भी काटे जा रहे हैं, लेकिन अधिकतर लोग न तो जागरूक हो रहे हैं और न ही उन्हें जुर्माने या कार्रवाई का डर है।
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चार दिन में काटे गए चालान
तिथि कुल चालान बिना हेलमेट तीन सवारी जुर्माना (रुपये)
दो नवंबर 594 305 27 62150
तीन नवंबर 716 366 42 सीट बेल्ट 62300
चार नवंबर 673 328 31 सीट बेल्ट, 57400
03 गलत दिशा
पांच नवंबर 587 --- 45 26000
07 रॉग साइड
01 मॉडिफाइड सायलेंसर
जाम से भी निजात नहीं
यातायात नियमों की अनदेखी, रैपिड रेल का काम, अतिक्रमण और पुलिस टीमों की ढिलाई के कारण जाम की समस्या भी दूर नहीं हो पा रही है। हाईवे से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में घंटों तक जाम के हालात बन रहे हैं। शादियों के सीजन में यह समस्या और गंभीर हो गई है। इससे पहले वेस्ट एंड रोड पर बनाया गया स्पेशल प्लान भी किसी काम न आ सका।
लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए ही यातायात माह चलाया जा रहा है। यदि लोग नहीं मानेंगे तो चालान तो करने ही पड़ेंगे। बेहतर होगा कि लोग खुद अधिक सजग हों और चालान जैसी कार्रवाई और हादसों की संभावना से बचें। - जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक।