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अपराजिता: महिला उद्यमियों ने जाना GST, अधिकारियों से किए खूब सवाल-जवाब

Thu, 14 Feb 2019 10:29 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 14 Feb 2019 10:29 PM IST
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Meerut: Aparajita, Women entrepreneurs take information about GST from officials
जीएसटी पर चर्चा - फोटो : अमर उजाला

देश में एक कर प्रणाली लागू हो चुकी है। सेवा एवं वस्तु कर (जीएसटी) लागू होने के बाद भी तमाम ऐसे सवाल हैं जो उद्यमियों को आज भी परेशान करते हैं। ग्राहक ही नहीं उद्यमी भी जीएसटी के प्रमुख बिंदुओं से अनभिज्ञ हैं। 3500 से अधिक एमएसएमई इकाइयों वाले शहर में महिला उद्यमियों की भी बड़ी संख्या है। छोटी दुकान से लेकर बुटीक, घरेलू उद्योग, हस्तकला का काम, ब्यूटी पार्लर से लेकर डेयरी और बड़ी कंपनियों को शहर की महिलाएं संचालित कर रही हैं। शहर में अर्थव्यवस्था की बागडोर संभालने में महिलाओं की प्रतिनिधित्व पुरुष उद्यमियों से कम नहीं हैं। लेकिन जीएसटी के कई नियम महिला उद्यमियों के लिए आज भी अनसुलझी पहेली हैं जिसमें वे कई बार उलझ जाती हैं। अपने कारोबार को और सुगमता से कैसे विस्तार दें? जीएसटी के साथ अपने कारोबार को सफलता की नई ऊंचाईयों पर कैसे ले जाएं इन सभी सवालों के जवाब शहर की महिला उद्यमियों को मिले। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत जीएसटी पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। गुरुवार को अमर उजाला मोहकमपुर कार्यालय में हुई कार्यशाला में स्टेट जीएसटी के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। जिन्होंने शहर की महिला उद्यमियों के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। वस्तु सेवा कर की प्राथमिक जानकारी से लेकर आने वाले दिनों में इस कर प्रणाली में होने वाले बड़े बदलाव क्या हैं इसकी भी जानकारी महिला उद्यमियों को दी।

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कार्यशाला में एडिशनल कमिश्नर आर.एन.पाल, डिप्टी कमिश्नर विवेकानंद शुक्ला, डिप्टी कमिश्नर संजय पांडे व वाणिज्य कर अधिकारी गीता रानी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों का बुके देकर स्वागत हुआ।

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इनसेट--ये महिला उद्यमी रहीं उपस्थित
संवाद में शीनम, दीपिका सप्रा, रुचिरा सिंघल, शुभम जग्गी, डॉ. लता कुमार, डॉ. कविता गर्ग, डॉ. ममता सिंह, अर्चना तोमर, अपूर्वा जैन, रिया तोमर, रुपसी बिंदल, असिफा खान, श्रेया जैन, हुमा त्यागी, निधि मित्तल, महक जैन, अनिल पुंडीर और सोनाली बत्रा मौजूद रहीं। 

महिलाओं के सवालों के मिले जवाब

सवाल- जीएसटी से ग्राहक को कोई लाभ नहीं मिला? डॉ. ममता सिंह
जवाब- लोगों में अभी जीएसटी की जानकारी का अभाव है, इसलिए उन्हें लगता है कि जीएसटी से हमें लाभ नहीं है। जीएसटी ने एक कर प्रणाली लागू कर दी है, चीजों के दाम भी घटे हैं, ब्रांडेड को छोड़कर दूसरे सामान पूरी तरह करमुक्त रखे हैं। 

सवाल- कितने टर्नओवर पर जीएसटी लागू होता है? डॉ. लता कुमार
जवाब- 20 लाख के टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी से मुक्त रखा है। 20 लाख से अधिक टर्नओवर है तो उसे जीएसटी देना ही पड़ेगा। लेकिन जो कारोबारी जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा ले  भले ही उसका टर्नओवर 20 लाख से कम है उसे भी कर भुगतान करना पड़ेगा। 20 लाख पर अनिवार्य है। 

सवाल- जीएसटी से एकत्र राशि का लाभ किसे मिलता है? अपूर्वा जैन
जवाब- जीएसटी से एकत्र राशि राजकोष में जाती है, जिसे अन्य योजनाओं, स्वच्छता अभियान, शिक्षा व स्वास्थ्य योजनाओं में प्रयोग किया जाता है। निम्न वर्ग के उत्थान के लिए यह राशि प्रयोग होती है।

सवाल- कोई विक्रेता बिल देने से इंकार करे तो क्या करें? निधि मित्तल
जवाब- हर विक्रेता को पक्का बिल देना ही पड़ेगा, जो कारोबारी जीएसटी में पंजीकृत है उसे तो अनिवार्य रूप से बिल देना है। जो विक्रेता बिल देने से इंकार करे तो उसकी शिकायत जीएसटी पोर्टल पर या जीएसटी कार्यालय में कर सकते हैं।

सवाल- सौंदर्य उत्पादों, सेनेटरी नैपकिन व स्टेशनरी को जीएसटी मुक्त करना चाहिए? रुपसी बिंदल
जवाब- पिछले डेढ़ साल में कई ऐसे उत्पाद हैं जिन पर जीएसटी की दर को कम किया गया है। कुछ चीजों को जकर मुक्त भी कर दिया है। जीएसटी काउंसिल लगातार सर्वे करके यह फीडबैक ले रही है कि कौन सी अनिवार्य चीजें हैं जिन्हें जीएसटी मुक्त किया जाए। इन पर भी दरें घटेंगी।

सवाल- एक व्यक्ति अपने कारोबार की सुगमता के लिए स्कूटी खरीदे तो उसे आईटीसी में छूट मिलेगी या नहीं? अनिल पुंडीर
जवाब- जीएसटी में पंजीकृत कोई भी कारोबारी जो आईटीसी का लाभ लेता है, अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए जो मशीनरी खरीदे उस पर आईटीसी का लाभ मिलेगा। लेकिन जो वस्तु कारोबार से हटकर खरीदी जाए उस पर आईटीसी नहीं मिलेगी।

सवाल- किसी वस्तु की कीमत जीएसटी के बाद कैसे तय होती है? शुभम जग्गी
जवाब- जिस सामान पर जीएसटी, जिस दर से लागू है उस सामान की प्रिंट रेट में जीएसटी लगकर कीमत तय होती है। अगर बिल में विक्रेता प्रिंट रेट से अधिक कीमत लिख रहा है तो उसका विरोध करें। जीएसटी कहकर कीमत ले रहा है तो बिल में जीएसटी व कर की दर का उल्लेख करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर यह करचोरी होगी।

सवाल- एल्कोहल पर जीएसटी क्यों नहीं है? हुमा त्यागी
जवाब- एल्होकल पर पहले से ही अधिक दर से एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती है, इससलिए उसे जीएसटी मुक्त रखा है। 

सवाल- बेकरी प्रोडक्ट, स्ट्रीट फूड वेंडर पर जीएसटी क्यों नहीं? अर्चना तोमर
जवाब- कई ऐसी चीजें हैं जिन्हें करमुक्त रखा है। सरकार का ध्येय रोटी, कपड़ा मकान जैसी अनिवार्य चीजों को लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध कराना है इसलिए इन्हें करमुक्त रखा है। 

सवाल- मूर्तियों के निर्माण के लिए जो कच्चा माल खरीदतें है उस पर जीएसटी भुगतान करते हैं, लेकिन वो कारोबारी हमसे वसूले हुए जीएसटी को आगे भुगतान कर रहा है या नहीं ये कैसे पता करें? सोनाली बत्रा
जवाब- आपसे वसूले हुए जीएसटी को वो कारोबारी भुगतान कर रहा या नहीं यह आप अपने जिले के जीएसटी कार्यालय में जाकर पता कर सकती हैं, वो व्यक्ति आपसे लिए गए जीएसटी को अगर जमा नहीं करा रहा तो उसकी भी शिकायत कर सकती हैं।

सवाल- जीएसटी में कारोबारियों की कोई रेटिंग भी है या नहीं? डॉ. कविता
जवाब- जीएसटी में कारोबारियों को फाइव स्टार से लेकर वन स्टार रेटिंग तक दी गई है। जो कारोबारी नियमित तौर पर पूरा जीएसटी देता है उसी के अनुसार उसकी रेटिंग भी तय की गई है।

सवाल- वस्तु पर जीएसटी तो बिल से पता चल जाती है, लेकिन होटल, ब्यूटीपार्लर किसी सर्विस पर जो जीएसटी वसूला जा रहा है वो कितना ले रहे हैं पता ही नहीं चलता? शीनम
जवाब- होटल हों या पार्लर हर सर्विस प्रोवाइडर को बिल में जीएसटी दर का उल्लेख करना ही पड़ेगा, जो लोग बिल में जीएसटी दर नहीं प्रिंट कर रहे उनकी शिकायत करें। 

सवाल- बिल पर अक्सर दो तरह के जीएसटी लिखे होत हैं यह क्या है? रुचिरा सिंघल
जवाब- देश में एक कर प्रणाली लागू है। लेकिन इसके दो भाग होते हैं एक राज्य का दूसरा केंद्र सरकार का। जीएसटी की कुल दर से जो राशि मिलती है उसका आधा भाग राज्य और आधा भाग केंद्र सरकार लेती है। इसलिए दो प्रकार के जीएसटी का उल्लेख होता है। यह बिल पर लिखना अनिवार्य है।

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