लेखपाल को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर में गांव भैंसी के ग्रामीण से मकान खाली कराने की रिपोर्ट लगाने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत लेते लेखपाल चंद्रपाल को मेरठ से आई एंटी करप्शन विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम जांच के लिए लेखपाल के गीतापुरी स्थित आवास पर भी पहुंची, लेकिन परिजन दोनों मकानों को ताला लगाकर रफू चक्कर हो गए। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसी निवासी रविंद्र पंडित उर्फ राजू ने करीब दस वर्ष पूर्व मोहल्ला शराफत कॉलोनी में दो मकान बनाए थे, जिनमें उसने कुछ लोगों को बतौर किराएदार रखा था। काफी समय से उक्त किराएदार मकान खाली नहीं कर रहे थे, जिसकी शिकायत रविंद्र ने एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी से की थी। एसडीएम ने मामले में पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी, जिस पर थाना पुलिस ने भी मकानों पर कब्जे की रिपोर्ट दी थी।
इसके बाद एसडीएम ने तहसीलदार खतौली को मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे, जिस पर तहसीलदार ने कानूनगो व लेखपाल चंद्रपाल से मामले की रिपोर्ट तलब की थी। आरोप है कि मोहल्ला गीतापुरी निवासी लेखपाल चंद्रपाल रविंद्र पंडित से उसके मकानों पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट लगाने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इस पर रविंद्र विगत चार अप्रैल को मेरठ पहुंचकर एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों से मिला और उन्हें मामले की जानकारी दी। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को रविंद्र पंडित को केमिकल लगे व पहले से नंबर लिखे हुए बीस हजार के नोट देकर उसे लेखपाल चंद्रपाल से मिलने तहसील भेजा था। तहसील में जैसे ही लेखपाल ने रविंद्र से रिश्वत के रुपये लिए, टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा। टीम ने लेखपाल के हाथ धुलवाते हुए नोटों पर लगे केमिकल से रंगीन हुए पानी को बतौर साक्ष्य संकलित कर उसे गिरफ्तार कर लिया और थाने ले गए। वहां पूछताछ के बाद एंटी करप्शन विभाग की टीम गीतापुरी स्थित उसके मकानों पर जांच के लिए पहुंची, लेकिन मामले की भनक लगने के चलते उसके परिजन दोनों मकानों को ताला लगाकर रफूचक्कर हो गए। इसके बाद टीम लेखपाल के बंद मकानों की वीडियोग्राफी करते हुए उसके पड़ोसियों से पूछताछ कर लौट गई।
लेखपाल संघ के सचिव पद पर है चंद्रपाल
मकान पर अवैध कब्जे संबंधी रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया लेखपाल चंद्रपाल खतौली लेखपाल संघ के सचिव पद पर तैनात है। मूलरूप से जानसठ के गांव घटायन निवासी चंद्रपाल करीब 20 साल से परिवार के साथ मोहल्ला गीतापुरी में रह रहा है। रिश्वत लेने में चंद्रपाल की गिरफ्तारी के बाद तहसील के लेखपालों व कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
इन्होंने कहा...
एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल चंद्रपाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है, जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। तहसील स्तर से भी मामले की जांच कराई जाएगी। पीड़ित रविंद्र द्वारा कानूनगो पर भी आरोप लगाए गए हैं। इनकी भी जांच कराई जाएगी।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि लेखपाल चंद्रपाल ने रविंद्र उर्फ राजू से मकान खाली कराने के लिए अवैध कब्जे संबंधी रिपोट लगाने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित की शिकायत पर आरोपी लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ा गया है, जिसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
इंस्पेक्टर खतौली हरसरण शर्मा ने बताया कि आरोपी लेखपाल चंद्रपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी से विभागीय टीम द्वारा पूछताछ की जा रही है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/