रिपोर्ट: किशोरों के हाथ में तमंचे-पिस्टल, बड़ी वारदातों को दे रहे अंजाम, सप्लायरों को पकड़ने में पुलिस नाकाम
मेरठ से अमर उजाला की खास रिपोर्ट : सामने आया है कि किशोरों के हाथ में तमंचे और पिस्टल हैं, जिनसे वे बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस अवैध हथियार सप्लायरों तक नहीं पहुंच पा रही है।
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मेरठ में छोटी उम्र के किशोरों के हाथ में तमंचे और पिस्टल पहुंच रहे हैं, इनसे आपराधिक वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। खासतौर पर देहात में तमंचों और शहरों में पिस्टरों की मांग किशोरों में बढ़ रही है।
वहीं, हथियार बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय पुलिस सेटिंग कर मामले में लीपापोती कर देती है। हाल ही में प्रेमी युगल (शुभम और साक्षी) की मौत का मामला इसका ताजा उदाहरण है। तीन-चार हजार रुपये में तमंचा खरीदकर किशोर खूनखराबा कर रहे हैं।
पकड़े जाने के बाद आरोपी पुलिस को बताते भी हैं कि उन्होंने तमंचे-अवैध पिस्टल कहां से खरीदे, लेकिन पुलिस अवैध हथियार सप्लाई करने वालों तक नहीं पहुंच पा रही है। इससे किशोरों द्वारा अपराध बढ़ रहे हैं। पिछले वर्ष 2022 में तमंचे से किशोरों ने देहात में 65, शहर में 12 घटना को अंजाम दिया। वहीं, वर्ष 2021 में जिले में 58 किशोर गोली चलाने के मामले में बाल संप्रेक्षण गृह में भेजे गए थे।
शुभम और साक्षी को लगी थी तमंचे की गोली
जानी के पेपला गांव में चार दिन पहले 12वीं कक्षा के छात्र शुभम ने साक्षी को गोली मारकर खुद की कनपटी पर सटाकर तमंचे से गोली मारकर जान दी थी। तमंचा गांव के 17 साल के किशोर से खरीदना बताया गया था। पुलिस छानबीन में पता चला कि गांव में कई किशोरों के पास तमंचे हैं। तीन से चार हजार रुपये में तमंचा मिल जाता है। गांव में तमंचा सप्लाई करने वाले का पता पुलिस नहीं लगा पाई।
छात्र सचिन यादव को भी तमंचे से मारी थी गोली
जून 2022 में गंगानगर में एक विश्वविद्यालय के छात्र सचिन यादव की हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 315 बोर की गोली से मौत होना बताया गया, जबकि पुलिस की जांच में तमंचे से गोली मारने की बात कही गई थी। इस मुकदमे में 40 छात्रों को नामजद किया गया। अधिकांश छात्रों पर तमंचे और अवैध पिस्टल रखने के आरोप हैं। इनमें 15 छात्र नाबालिग निकले।
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सरधना में शकील की हत्या में नामजद हुए थे पांच किशोर
जुलाई 2023 में शकील की गोली मारकर की गई हत्या में पांच किशोर नामजद हुए थे। दो किशोरों को बाल संप्रेक्षण गृह में भेजा गया था। उनकी निशानदेही पर दो तमंचे भी बरामद हुए थे। पुलिस का कहना है कि तीन किशोर अभी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के बाद तमंचा सप्लायरों का भी पता लगाया जाएगा।
गंगानगर, इंचौली और सरधना में फायरिंग के वीडियो हुए वायरल
गंगानगर में एक विश्वविद्यालय के सामने फायरिंग, इंचौली में ताबड़तोड़ फायरिंग, सरधना और कोतवाली सहित अलग-अलग क्षेत्रों में किशोरों के फायरिंग करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। किशोर तमंचे और अवैध पिस्टल कहां से ला रहे हैं, इसका पता तक पुलिस नहीं लगा सकी। चर्चा है कि पुलिस सांठगांठ करके मामले को रफादफा कर देती है।
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बाल संप्रेक्षण गृह में बढ़ रहे किशोर
जेल वरिष्ठ अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि जिला जेल परिसर में बने बाल संप्रेक्षण गृह में किशोरों की संख्या बढ़ती जा रही है। किशोर के बालिग होने पर उसे जेल में शिफ्ट कराया जाता है। संप्रेक्षण गृह में 50 फीसदी किशोर हत्या, जानलेवा हमला और फायरिंग के मामले में निरुद्ध है। इनकी निगरानी भी की जा रही है।