Meerut: हर माह बिक रहा 75 करोड़ का मिलावटी खाद्यान्न, 3.94 करोड़ का जुर्माना, कोर्ट में 135 मामले लंबित
मेरठ के गौतमनगर और गणेशपुरी में नवरात्र के प्रथम दिन जहरीला कुट्टू का आटा खाने से 94 लोग बीमार हो गए। मिलावटी खाद् पदार्थों को लेकर लगातार कार्रवाई होती रहती है लेकिन बावजूद इसके मिलावट का खेल बदस्तूर जारी है।
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खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग द्वारा वर्ष 2022-23 में शहर के 114 व्यापारियों पर मिलावटी खाद्यान्न बेचने पर 3.94 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया, 135 मामले कोर्ट में लंबित हैं। बाजार में बेखौफ मिलावटी माल की बिक्री बदस्तूर जारी है।
गौतमनगर और गणेशपुरी में नवरात्र के प्रथम दिन जहरीला कुट्टू का आटा खाने से 94 लोग बीमार हो गए। इससे एक बार फिर खराब खाद्यान्न और मिलावट की पोल खुल गई है। खाद्यान्न में मिलावट पर जुर्माने के बाद सजा का भी प्रावधान है लेकिन सजा न होने से खराब खाद्यान्न और मिलावटी माल बेचने वालों के हौसले बुलंद हैं। माना जाता है कि शहर में हर माह 300 करोड़ के खाद्यान्न में करीब 75 करोड़ का मिलावटी और खराब खाद्यान्न बेचा जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग द्वारा होली, दीपावली, दशहरा, ईद सहित विशेष पर्वों के साथ माह में दो से तीन बार शहर में विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्रित किए जाते हैं। सरकार द्वारा फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई है, इसमें मौके पर ही सैंपल की जांच कर व्यापारियों को चेतावनी देने के साथ जागरूक भी किया जाता है।
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खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन द्वारा एक अप्रैल 2022 से 28 फरवरी 2023 के बीच दूध के 186 नमूने लिए गए और इसमें 100 नमूने फेल हो गए। इनमें कुछ पुराने नमूने भी शामिल हैं। मिठाई के 100 में से 35 नमूने फेल हुए।
आटा, बेसन, मैदा, मसाले और दाल के 70 नमूनों में से 67 फेल हो गए। थोक व्यापारी और फुटकर व्यापारियों के बीच एक और आपूर्ति श्रंखला या सप्लाई चेन काम कर रही है।
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उत्पाद नमूने लिए फेल संख्या जुर्माना राशि
खाद्यान 70 67 31 70,95,000
मिष्ठान 100 35 39 1,37,15,000
दूध 186 100 44 1,85,55,000
कुट्टू के आटे में मिलाते हैं बुरादा
कुट्टू के आटे का रंग गहरा भूरा होता है। इसमें मिलावट करने वाले बुरादा, चॉक और मिट्टी मिला देते हैं। इसके बाद इसका रंग ग्रे मटमैला या हरे रंग का नजर आता है। इसके साथ ही सरसों के तेल में आर्जीमोन का तेल मिलाया जाता है। चना, अरहर के बेसन में खेसारी दाल व पीली हल्दी मिलाई जाती है। दालों में टेलकम पाउडर भी डाला जाता है। लाल मिर्च में ईंट का पाउडर मिलाते हैं। खोया को मिलावटी बनाने के लिए केमिकल, मैदा, पाम आयल, सिंथेटिक दूध, अरारोट, आलू, शकरकंदी, सिंघाड़े का आटा और चीनी का प्रयोग किया जाता है।