मेरठ के खैरनगर में हुई मेराब और कोनेन की हत्या के पीछे तंत्र-मंत्र और प्रेम-प्रसंग की कहानी निकली। जिसमें पांच परिवार (शाहिद-निशा, सऊद, मुसर्रत, कोसर और आरिफ) बर्बाद हो गए। निशा के तीन बच्चों की मौत दस साल पहले हुई है। एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि पूर्व में मासूमों की मौत कैसे हुई, इसकी भी अब जांच की जाएगी। इसको लेकर निशा से पुलिस ने तीन घंटे पूछताछ की। तंत्र-मंत्र का काम निशा कई साल से करती थी। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को भी है। पड़ोसन मुसर्रत और कोसर सहित कई महिलाएं तो निशा की बातों पर पूरा विश्वास करती थीं। जिसका नतीजा है कि निशा के बच्चों की हत्या में पांच परिवार बर्बाद हो गए।
किसी को न मिले ऐसी मां: तंत्र-मंत्र के लिए दी बलि, आंखों के सामने कराया बेटे-बेटी का कत्ल, फिर प्रेमी संग खाया
हत्या के बाद साथ बैठकर खाया खाना
मेरठ दोनों बच्चों की हत्या कर सऊद दोस्त के घर और निशा अपने घर पर रहीं। रात 10 बजे शाहिद ने सऊद को फोन किया और कहा कि आ जाओ, खाना खाएंगे। सऊद, निशा ने शाहिद के साथ बैठकर खाना गया। जिसके बाद सऊद चला गया और मोबाइल बंद कर लिया। देर रात तक बच्चे नहीं लौटे तो शाहिद के बेचैनी बढ़ती जा रही थी। शाहिद ने सऊद, आरिफ और साद के मोबाइल पर कॉल की लेकिन तीनों के नंबर बंद मिले। बच्चों को ढूंढते-ढूंढते रात 11 बजे शाहिद को सऊद खैरनगर में ही मिला गया। हमदर्द बनकर शाहिद के साथ सऊद भी थाने गया और बच्चों के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। गुरुवार सुबह से शाम तक पुलिस के साथ वह बच्चों को ढूंढने का नाटक रचता रहा। रात में पुलिस ने उसके परिवार के लोगों को उठाया तो वह फरार हो गया। बाद में खुद ही थाने पहुंचकर वारदात कबूल कर ली।
शाहिद की पत्नी निशा तंत्र विधा और दुआ करती है। यह बात खैरनगर में काफी लोगों को पता थी। पड़ोस में रहने वाली मुसर्रत और उसकी देवरानी कोसर भी निशा पर आंख मूंदकर विश्वास किया करती थीं। निशा ने दोनों महिलाओं से कहा कि खैरनगर पर संकट है। मैं अपने दोनों बच्चों की बलि देकर खैरनगर में रहने वाले परिवारों को बचाना चाहती हूं। मैंने तंत्र मंत्र से देखा है कि बलि नहीं दी तो सबसे पहले मुसर्रत के बेटे साद की मौत होगी। इससे दोनों महिलाएं डर गईं और उन्होंने दोनों बच्चों की हत्या में शामिल होने का वायदा निशा से कर दिया। इसकी जानकारी मुसर्रत ने अपने बेटे साद को भी बता रखी थी। साद ही अपनी कार से दोनों बच्चों के शव को गंगनहर ले गया था।
शुक्रवार को पुलिस ने निशा के मकान की तलाशी ली। यहां एक बैग में नोट के साइज के अखबार कटे मिले। अखबार की नोट जैसी गड्डी बनाई गईं थीं। गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाए हुए थे। वारदात में शामिल मुसर्रत, कोसर, साद और आरिफ से निशा ने कहा था कि तंत्र मंत्र के असर से जब मुझ पर शक्ति आएगी तब मैं अखबार के टुकड़ों को असली नोट बना दूंगी और तुम्हें दे दूंगी।
आरोपियों को लेकर नहर में सर्च अभियान चलाया
मेराब और कोनेन के शवों को ढूंढने के लिए पुलिस टीम आरोपियों को लेकर सरधना क्षेत्र में गंगनहर के अटेरना पुल पर पहुंची। उनकी निशानदेही पर गंगनहर पटरी पर सर्च अभियान चलाया। अटेरना से सरधना व नानू गंगनहर पुल तक पीएसी के गोताखोरों ने शवों की तलाश की।
इस दौरान शाहिद बेग व अन्य परिजन भी मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा सरधना व जानी पुलिस भी गंगनहर पुल पर ही तैनात रही। शाम 5:00 बजे रोहटा थानाक्षेत्र के पूठखास गंगनहर पुल के पास से बच्चे का शव तैरता दिखाई दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला। शव की पहचान कराकर उसको पोस्टमार्टम हाउस भेजा। देर रात तक बच्ची का शव भी बरामद कर लिया गया।