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मेरठ: पूर्व प्रधान की मौत पर अस्पताल में सैकड़ों लोगों का हंगामा, परिजन बोले- पैसे जमा न होने पर रोक दिया इलाज

Wed, 21 Oct 2026 11:31 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Wed, 21 Oct 2026 11:31 PM IST
सार

मेरठ के हर्रा गांव के पूर्व प्रधान तैयब चौहान को ब्रेन हेमरेज होने के बाद साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों रुपये जमा न होने पर इलाज रोकने से मौत होने का आरोप लगाया।

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Meerut: A crowd created a commotion at a hospital following the death of a former village head
पूर्व प्रधान तैयब की फाइल फाेटो और अस्पताल में धरना व हंगामा करते लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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सरूरपुर थाना क्षेत्र के हर्रा गांव निवासी पूर्व प्रधान तैयब चौहान की मौत के बाद बुधवार को साकेत स्थित निजी अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने और पैसे जमा न होने पर उपचार रोकने का गंभीर आरोप लगाया। पूर्व प्रधान की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद और सीओ सिविल लाइन दीक्षा भौरिया भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
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हर्रा गांव निवासी पूर्व प्रधान तैयब चौहान को 15 अक्तूबर को ब्रेन हेमरेज हुआ था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें साकेत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि बुधवार को अस्पताल प्रशासन ने पैसे जमा कराने को कहा। परिजनों ने जल्द पैसे देने की बात कही, लेकिन मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल ने आगे इलाज करने से मना कर दिया। बुधवार शाम को पूर्व प्रधान की मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।


 
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परिजनों और ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
मौत की खबर मिलते ही हर्रा गांव और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल परिसर में जुट गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद ने पीड़ित परिवार और डॉक्टरों से पूरे मामले की जानकारी ली। सीओ सिविल लाइन दीक्षा भौरिया ने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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