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Meerut: उम्र न रोक पाई हौंसले की उड़ान, 66 की उम्र में जीता गोल्ड

Thu, 28 Jul 2022 11:22 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 28 Jul 2022 11:22 AM IST
सार

नीदरलैंड में 22 जुलाई से 31 जुलाई तक आयोजित हो रही पुलिस और फायर गेम्स में यूपी पुलिस डीएसपी से सेवानिवृत्त 66 साल के जगदीश सिंह ने 10 किमी दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है। अपनी उम्र को हराते हुए वे 60 से अधिक आयु वर्ग के तहत भाग लेने वाले एकमात्र भारतीय एथलीट बने और देश का नाम रोशन किया।

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Meerut: 66  years old jagdish from meerut wins 10km race
मेरठ , जगदीश सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र भी हौसले की उड़ान को नहीं रोक पाती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है यूपी पुलिस डीएसपी से सेवानिवृत्त 66 साल के जगदीश सिंह ने। उन्होंने अपनी उम्र को हराते हुए 10 किमी दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।कंकरखेड़ा के श्रद्धापुरी निवासी जगदीश सिंह ने नीदरलैंड के रॉटरडैम में 22 से 31 जुलाई तक आयोजित विश्व पुलिस और फायर गेम्स प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।  

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2022 में नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के पास रॉटरडैम में खेलों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कई देश के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है। 24 जुलाई को कंकरखेड़ा के श्रद्धापुरी फेज वन निवासी जगदीश सिंह ने 65 से अधिक आयु वर्ग के तहत 10 किमी दौड़ में प्रतिभाग किया और स्वर्ण पदक जीता। वह भारत से 60 से अधिक आयु वर्ग के तहत भाग लेने वाले एकमात्र भारतीय एथलीट हैं।
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जगदीश सिंह के बेटे अंकित ने बताया कि इससे पहले वह वर्ष 2017 में डब्ल्यूएफपीजी लॉस एंजेल्स यूएसए में कांस्य पदक, चीन में आयोजित डब्ल्यूपीएफजी 2019 में चौथे स्थान पर रहे थे। इस बार अपने घुटने की चोट के बावजूद उन्होंने फिट इंडिया मिशन को बढ़ावा देते हुए खेलों में भाग लिया और 55 मिनट के समय के साथ भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। वह भारतीय पुलिस विभाग के पहले भारतीय एथलीट हैं, जिन्होंने इस वर्ग में रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बताया कि वह दौड़ने के अलावा बैडमिंटन का भी अभ्यास करते हैं और कर रहे थे। 

36 साल पुलिस में सेवा करने के बाद 2016 में वह डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए। उस दौरान वह मुजफ्फरनगर में तैनात थे। 2001 में जगदीश सिंह को राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब उनका लक्ष्य 28 जुलाई को क्रॉस कंट्री में दौड़ने का है। उसमें भी वह सफलता प्राप्त करेंगे। वहीं, उनकी जीत पर परिजनों ने उन्हें फोन पर बधाई दी।

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2016 के बाद शुरू किया बाहर जाना
अंकित ने बताया कि यूपी पुलिस में तैनाती के दौरान उनके पिता जगदीश सिंह बैडमिंटन खेला करते थे और उन्होंने यूपी पुलिस के लिए बैडमिंटन में भी नेशनल स्तर पर पदक जीते। लेकिन, यूपी सरकार की ओर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जिस कारण वह दूसरे देशों में प्रतिभाग नहीं कर सके। सेवानिवृत्त होने के बाद जगदीश सिंह ने दूसरे देशों में प्रतिभाग करने का अपना सपना पूरा किया और लगातार वह मेरठ का नाम रोशन कर रहे हैं।

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