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Meerut: 1967 हिस्ट्रीशीटर, 910 लापता, धर पकड़ के लिए अब दोबारा चलेगा सर्च अभियान

Wed, 31 May 2023 09:53 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 31 May 2023 09:53 AM IST
सार

मेरठ शहर और देहात क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटरों की कुल संख्या 1967 है। अब इन पर शिकंजा कसने के लिए सर्च अभियान शुरू किया जाएगा।

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Meerut: 1967 history sheeter, 910 missing, now search operation will run again
मेरठ एसटीएफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ जिले में आए दिन ताबड़तोड़ वारदात हो रही हैं। कहीं दिनदहाड़े 15 लाख रुपये लूट लिए जाते हैं तो कहीं रात के अंधेरे में परिवार को बंधक बनाकर डकैती जैसी संगीन वारदात हो रही हैं। ऐसे हाल में भी पुलिस को जिले के 910 हिस्ट्रीशीटरों का अता-पता नहीं हैं।

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यह खुलासा तब हुआ जब निकाय चुनाव के दौरान पुलिस की तरफ से हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग कराई गई थी। इसमें 910 हिस्ट्रीशीटर अपने घर या गांव में ही नहीं मिले। अब लापता हिस्ट्रीशीटरों के लिए फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा।
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दरअसल, मेरठ शहर और देहात क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटरों की कुल संख्या 1967 है। निकाय चुनाव के दौरान पुलिस ने सभी हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग की। इसमें देखा गया कि जेल से बाहर रहने वाले हिस्ट्रीशीटर अपने घर या गांव में है या फिर नहीं। संबंधित थाना पुलिस ने घर-घर जाकर इसकी छानबीन की। चेकिंग के दौरान शहरी क्षेत्र में 597 और ग्रामीण क्षेत्र में 313 हिस्ट्रीशीटर नहीं मिले।
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यह भी पढ़ें: Meerut News Live: पहलवानों के सम्मान की लड़ाई के लिए खाप पंचायतें एकजुट, कल तय होगी आंदोलन की रणनीति

परिवार के लोगों ने भी हिस्ट्रीशीटरों के बारे में जानकारी से मना कर दिया। कुछ के बारे में बताया गया कि नौकरी या मजदूरी करने के लिए बाहर रह रहे हैं, लेकिन कहां है, इसका जवाब नहीं मिला। ऐसी स्थिति में भी पुलिस ने उन्हें लापता माना है। इतनी तादात में हिस्ट्रीशीटरों के लापता होने से पुलिस महकमा अब दोबारा से चेकिंग अभियान शुरू करने की तैयारी में है, जिसमें पुलिस फिर से घर-घर जाकर इनकी जानकारी जुटाएगी। अगर कोई हिस्ट्रीशीटर बाहर भी रह रहा है तो चेकिंग के लिए उसने अपने घर पर रहना होगा। 

वारदात के बाद कसा जाता है शिकंजा
यदि किसी क्षेत्र में चोरी, लूट या डकैती जैसी कोई वारदात होती है तो सबसे पहले उस क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा कसा जाता है। उनकी कुंडली खंगाली जाती है कि वह उस वारदात के समय कहां पर थे। वारदात में उनकी कोई भूमिका है या फिर नहीं। हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा कसते ही काफी मामले खुल भी जाते हैं। इसलिए हिस्ट्रीशीटरों के बारे में संबंधित थाना पुलिस के पास पूरी जानकारी होना जरूरी है। 

चेकिंग के दौरान जो हिस्ट्रीशीटर नहीं मिले थे, उनके लिए दोबारा से अभियान चलाया जाएगा। सभी थाना पुलिस को निर्देश हैं कि हिस्ट्रीशीटरों की हर जानकारी होनी चाहिए। यदि वह कहीं बाहर नौकरी या मजदूरी भी कर रहा है तो भी पूरा पता होना जरूरी है। - कमलेश बहादुर, एसपी देहात

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