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पेट्रोल पंपों पर एक लाख में डिवाइस लगा रहा था मैकेनिक देवेंद्र

Sun, 06 Nov 2022 03:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2022 03:12 AM IST
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Mechanic Devendra was installing the device at petrol pumps for one lakh
पेट्रोल पंपों पर एक लाख में डिवाइस लगा रहा था मैकेनिक देवेंद्र
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मेरठ। नायरा कंपनी के पेट्रोल पंप मालिकों से एक लाख रुपये लेकर सिस्टम हैक करने वाली डिवाइस लगाने वाला मैकेनिक लाक शामली (हाल पता ड्रीम सिटी कंकरखेड़ा) निवासी देवेंद्र उर्फ सतेंद्र को भी एसटीएफ मेरठ ने परतापुर से दबोच लिया। इससे पहले बृहस्पतिवार और शुक्रवार को तीन पंप संचालकों सहित छह लोगों को पकड़ा गया था। कोर्ट में पेश होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक पेट्रोल पंप पर सॉल्वेट की मिलावट का खेल चल रहा था। पंप के टैंक में नई तकनीक से ऑटोमैटिक सिस्टम लगाए गए थे। इससे पेट्रोल पंप के मदर बोर्ड में रीडिंग कम आती थी। इसके बाद मिलावटी तेल को खपाया जाता था। इस खेल में पंप मालिक, कंपनी और मैकेनिक की भूमिका मिली है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना कि जांच पूरी कर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी थानों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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कबाड़ियों की मदद से इस खेल में शामिल हुआ मैकेनिक
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह के मुताबिक मैकेनिक देवेंद्र ने बताया कि वर्ष 2004 में बीएससी करने के बाद वह नोएडा में जाकर प्राइवेट कंपनी में जॉब करने लगा था। वह नोएडा में जिस बिल्डिंग में रहता था, वहां बुलंदशहर निवासी महीपाल भी था। महिपाल मिडको कंपनी में जॉब करता था। वह पेट्रोल पंप पर लगी मशीनों की सर्विस करने का काम करता था। देवेंद्र ने भी महिपाल के साथ पंपों पर 2017 तक काम किया था। वर्ष 2017 में जब एसटीएफ ने पंपों पर चिप सिस्टम से धोखाधड़ी का खुलासा किया तो पुरानी मशीनों की जगह नई मशीनें लगा दी गईं। पुुरानी मशीनों को कबाड़ियों ने खरीद लिया। देवेंद्र ने स्क्रैप वालों से मशीनों के पुराने मदर बोर्ड ले लिए। देवेंद्र ने नायरा कंपनी के परतापुर, माधवपुरम, सैनी, हस्तिनापुर और बागपत के सिंधावली अहीर गांव में पेट्रोल पंप मालिकों से सांठगांठ कर ली। पंपों मालिकों ने एक-एक लाख रुपये लेकर नई तकनीक के साथ ऑटोमैटिक सिस्टम को हैक करने लिए डिवाइस लगाई। इसकी मदद से पंपों पर मिलावट और घटतौली का खेल शुरू हो गया। इस खेल में कंपनी के कई कर्मचारी भी शामिल थे। वह पंपों पर तेल को नापने के लिए आते थे।
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अब तक यह हो चुके गिरफ्तार
1. सतेंद्र उर्फ देवेंद्र कुमार निवासी लाक, शामली (मैकेनिक)
2. ऐश्वर्य गुप्ता निवासी ए-30 टीपीनगर (परतापुर पेट्रोल पंप मालिक)
3. विरेंद्र त्रिपाठी निवासी (विक्रय अधिकारी नायरा कम्पनी)
4. राकेश कुमार गुप्ता निवासी विकास विहार मोहनपुरी सिविल लाइन (सैनी पेट्रोल पंप मालिक )
5. अवनीश गोयल निवासी (फिलिंग स्टेशन माधवपुरम पेट्रोल पंप मालिक)
6. रविंद्र निवासी रठौरा छपरौली बागपत (सिंधावली अहीर बागपत पेट्रोल पंप)
7. रविंद्र का भाई सुधीर रठौरा छपरौली बागपत (सिंधावली अहीर बागपत पेट्रोल पंप)
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अब तक इन पंपों पर हुई कार्रवाई
-- इंचौली थाना : मैसर्स रायल फिलिंग स्टेशन सैनी मवाना के स्वामी सीमा गुप्ता पत्नी राकेश गुप्ता और राकेश गुप्ता निवासी मोहनपुरी विकास विहार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पांच लीटर पेट्रोल पर 150 एमएल पेट्रोल की घटतौली मिली है। साथ ही पेट्रोल और डीजल का स्टाक भी सही नहीं पाया गया है।
-- परतापुर थाना : मैसर्स चंद्रप्रकाश एंड संस पेट्रोल पंप परतापुर बाईपास के स्वामी ऐश्वर्य गुप्ता निवासी ट्रांसपोर्टनगर, राहुल त्यागी निवासी मुरादनगर, देवेंद्र मलिक उर्फ सतेंद्र, विरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि ऑनलाइन ऑटोमशीन की रीडिंग 61 मिली, वहीं पेट्रोल की मात्रा 6358 लीटर रही। टैंक डिप रोड से मापन किया गया तो उसकी रीडिंग 75.50 मिली जबकि टैंक में 8375 ली. पेट्रोल पाया गया। मौके पर 2017 लीटर से अधिक पेट्रोल था। डीजल के टैंक में 17899 लीटर डीजल होना चाहिए था, लेकिन 31982 लीटर पाया गया। 14083 लीटर डीजल अधिक था। मशीन में 35 लीटर पर पांच लीटर की घटतौली पाई गई।
-- हस्तिनापुर थाना : मैसर्स सिद्धबली फिलिंग स्टेशन, दरियापुर मवाना मकदूमपुर रोड के पंप मालिक राजेंद्र प्रसाद गोयल निवासी-सरस्वती लोक, रीता पत्नी राजकुमार निवासी ऐंची खुर्द मवाना, सतेंद्र कुमार, मैनेजर मामचंद, संजीव कुमार निवासी ऐंची खुर्द और नायरा कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक सुशांत मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि हाजी कबाड़ी के पास से तीन हजार रुपये किलो मदरबोर्ड खरीदे जाते थे।पंप के टैंक में भी डीजल और पेट्रोल की मात्रा अधिक पाई गई। दो डिस्प्ले और दो डिस्पेसिंग मशीनें भी मिली हैं।
ब्रहमपुरी थाना : मैसर्स सालासर पंप माधवपुरम के पंप मालिक अवनीश गोयल और उनके बेटे मैनेजर संचित गोयल निवासी माधवपुरम और पंप में मदरबोर्ड की फिटिंग करने वाले सलीम के खिलाफ केस दर्ज हुआ। निरीक्षण में डिस्पेंसिंग यूनिट में मीटर को रोकने वाली चिप मिली है। पेट्रोल की मात्रा डिप राड की रीडिंग के आधार पर 8027 लीटर तथा ऑनलाइन स्टाक 770.240 लीटर पाया गया। पेट्रोल की मात्रा में 5256 लीटर ज्यादा मिला है, जबकि डीजल की मात्रा 21704 लीटर तथा ऑनलाइन स्टाक में 22309 लीटर मिली है। स्टाक में 605 लीटर डीजल कम मिला है।

सिंधावली अहीर थाना बागपत : रविंद्र और उनके भाई सुधीर निवासी रठौडा छपरौली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यहां पर भी डिवाइस लगाकर मिलावट और घटतौली का खेल चल रहा था।
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