मेरठ: पहले के प्लान धड़ाम, नौ चौराहों के लिए एमडीए ने फिर से तैयार किया 41 करोड़ से ज्यादा का बजट
- 41करोड़ से ज्यादा का बजट 9 चौराहों के लिए एमडीए ने किया तैयार
- 1.56 करोड़ से बनेंगे 12 जगहों पर यात्री प्रतीक्षालय
- 27 फरवरी को बैठक में होगा अंतिम फैसला
विस्तार
चौराहों को सुधारने का प्लान एक बार फिर तैयार किया जा रहा है। इससे पहले हर साल कई कागजी प्लान बने और धरातल पर धड़ाम हो गए। लेकिन इस बार फिर से शहर को जाम से मुक्त करने की कवायद के लिए नौ चौराहों के लिए 41 करोड़ से ज्यादा बजट तैयार किया गया है।
इस बजट को आगामी 27 फरवरी को कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली यातायात सुधार बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। एमडीए के मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता ने चौराहों पर होने वाले कार्य की रूपरेखा तैयार कर ली है।
चौराहों पर होने वाले कार्यों को तीन भागों में पूरा किए जाने का प्लान तैयार किया गया है। इसमें सिविल, इंजीनियरिंग और हॉट्रीकल्चर कार्य किए जाएंगे। जिससे चौराहों को शानदार तरीके से संवारा जा सके। करोड़ों का बजट तैयार किया है।
सबसे ज्यादा खर्च बेगमब्रिज चौराहे का रखा गया है। इसके लिए छह करोड़ रुपये से अधिक का बजट तैयार किया गया है। इसके अलावा दो चौराहों को स्मार्ट सिटी में होने वाले कार्य में शामिल किया गया है। इसमें हापुड़ अड्डा चौराहा और बच्चा पार्क चौराहा शामिल हैं। मेट्रो प्लाजा चौराहे के लिए सबसे कम दो करोड़ का बजट तैयार किया गया है।
यात्री प्रतीक्षालय का भी प्लान
इसके अलावा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की ओर से संचालित की जा रही बसों के लिए यात्री प्रतीक्षालय भी बनाने का प्लान तैयार किया जा रहा है। हालांकि, अभी फिलहाल 12 यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण किया जाएगा। एक प्रतीक्षालय पर करीब 13 लाख रुपये का खर्च आने की संभावना है। जिसके चलते एक करोड़ 56 लाख रुपये का बजट खर्च होगा।
इससे पहले भी जेएनएनयूआरएम मिशन के अंतर्गत यात्री प्रतीक्षालय बनाए गए थे। लेकिन सभी पर अवैध कब्जे होने से ये भी अतिक्रमण में गुम हो गए हैं। एमडीए ने चौराहों पर कार्य शुरू होने का खाका खींच लिया है।
27 फरवरी को होने वाली बैठक में एनओसी पर चर्चा की जाएगी। इनमें से कु छ चौराहों से रैपिड, मेट्रो का एलाइनमेंट जाना है। इसके चलते सौंदर्यीकरण कार्य में बाधा आ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।