अफसरों व बाबुओं में ठनी: मेडा की फाइलें गायब, जांच में मिलीं 144 लावारिस अलमारी, निलंबित कर्मी चाबी लेकर फरार
मेडा में लगातार बाबुओं की कारगुजारी सामने आती रही है। बाबुओं और अफसरों के बीच तनातनी चल रही है। फाइलें गायब होने के मामले में लिस्टिंग शुरू हुई तो कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) में बाबुओं और अफसरों के बीच घमासान शुरू हो गया है। मेडा में फाइलें गायब होने के मामले पर लिस्टिंग के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अफसरों की टीम गठित कर दी गई है। टीम ने जैसे ही लिस्टिंग शुरू की तो कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया।
महिला सहायक अभियंता के साथ जमकर नोकझोंक हुई। वहीं एक निलंबित कर्मचारी तो दफ्तर आया और अलमारी की चाबी लेकर रफूचक्कर हो गया। उधर, कुछ कर्मचारियों ने अलमारी से फाइलें ही हटा दीं। ऐसे में अब अलमारी सील करने के निर्देश दिए गए हैं।
नकेल कसते ही शुरू हो गई बगावत
मेडा में लगातार बाबुओं की कारगुजारी सामने आती रही है। एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेच देने, मौके पर बिना जमीन के रजिस्ट्री कर देने, पार्क या सार्वजनिक उपयोग की जमीन के बैनामे के मामले उजागर होते रहे हैं। इसी के साथ आवासीय भवन में अस्पताल, कांप्लेक्स आदि के मामले भी उछले तो फाइलें तक गायब हो गईं। ऐसे में कर्मियों पर नकेल कसने और पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए ओएसडी तथा प्रभारी सचिव रंजीत सिंह ने सहायक अभियंता निकिता की अगुवाई में टीम का गठन कर लिस्टिंग के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें: Meerut: गृह कर के दायरे में आएंगे और डेढ़ लाख नए मकान, 76 वार्डो का GIS सर्वे पूरा, 4.42 लाख आशियाने चिह्नित
सील होंगी अलमारी, कराएंगे एफआइआर
ओएसडी तथा प्रभारी सचिव रंजीत सिंह ने बताया कि आवंटियों की समस्या का निस्तारण हो और पारदर्शिता आए इसके लिए सभी फाइलों का रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। निलंबित कर्मचारी ऋषिपाल के अलमारी बंद कर चाबी ले जाने, कुछ कर्मचारियों के चाबी न देने का मामला सामने आया है। हठधर्मिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विरोध में उतरे कर्मी, उत्पीड़न का आरोप : टीम ने मामले में पूरी पड़ताल की। इसमें 144 अलमारी ऐसी रहीं, जिन पर किसी भी विभाग ने दावेदारी नहीं जताई। इनमें कई अहम फाइलें रखी हुई हैं। ऐसे में इन्हें लावारिस घोषित कर कागज चस्पा कर दिया गया। अब इनकी लिस्टिंग शुरू होते ही कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया।
सख्ती पर ठिकाने लगे फाइल सोमवार को सहायक अभियंता निकिता ने टीम के साथ बाबुओं से चाबी लेकर लिस्टिंग शुरू की तो विरोध शुरू हो गया। कई कर्मचारियों ने विरोध करते हुए चाबी नहीं दी। उनके साथ जमकर नोकझोंक हुई। वहीं कुछ कर्मचारियों ने थोड़ी देर बाद चाबी देने की बात कही। कुछ देर बाद जब दोबारा सहायक अभियंता पहुंची तो अधिकांश फाइलें अलमारी से हटा दी गईं।