Meerut: गृह कर के दायरे में आएंगे और डेढ़ लाख नए मकान, 76 वार्डो का GIS सर्वे पूरा, 4.42 लाख आशियाने चिह्नित
मेरठ महानगर के 76 वार्डो का जीआईएस सर्वे पूरा हो गया है। कुल 4.42 लाख आशियाने चिह्नित किए गए हैं। इनमें तकरीबन डेढ़ लाख मकान हाउस टैक्स के दायरे में आएंगे।
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मेरठ महानगर में हाउस टैक्स के दायरे में करीब डेढ़ लाख और नए मकान शामिल होंगे। 90 में से 76 वार्डो का जीआईएस सर्वे (ग्लोबल इंफॉर्मेशन सिस्टम) पूरा हो चुका है। इसमें 4.42 लाख आशियाने चिह्नित किए गए हैं। इसमें 80 हजार को नगर निगम द्वारा नोटिस भी भेज दिया गया है। 20 दिनों के भीतर 100 फीसदी जीआईएस का सर्वे हो जाएगा। इसके बाद नए आशियाने में लोगों को 10 फीसदी राहत देकर टैक्स लगाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक निगम के आगामी सत्र में 2.58 लाख प्रॉपर्टी से बढ़कर चार लाख प्रॉपर्टी हो सकती है। इस लिहाज से करीब डेढ़ लाख नए मकानों पर हाउस टैक्स लगाया जाएगा।
शहर में 31 साल पहले मकान, कारखाने, दुकान और अन्य इमारतों की 2.58 लाख प्राॅपर्टी हाउस टैक्स के लिए चिह्नित हुई थीं। इससे नगर निगम को प्रतिवर्ष करीब 70 करोड़ का टैक्स मिलता है। चार साल पूर्व लखनऊ की कंपनी को सरकार ने जीआईएस सर्वे की जिम्मेदारी दी। कोरोना के चलते दो साल सर्वे का कार्य नहीं हो सका।
अब शहर में 4.42 लाख नई प्रॉपर्टी चिह्नित हुई हैं। 80 हजार नई प्रॉपर्टी को नोटिस भेजा गया है। प्रॉपर्टी मालिक की आपत्ति पर नगर आयुक्त और निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि आपत्ति के निस्तारण भी साथ-साथ कराने का निगम प्रयास किया जा रहा है। 15-20 दिन में नगर निगम के क्षेत्र का जीआईएस सर्वे हो जाएगा।
संपत्ति की यूनिक आईडी बनाएगा निगम
नगर निगम क्षेत्र की सभी प्रॉपर्टी की एक यूनिक आईडी बनाने का काम चल रहा है। अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय का कहना कि कंप्यूटर स्क्रीन पर एक क्लिक से पूरी आईडी का बायोडॉटा निकल आएगा। कई जगह पर नगर निगम की जमीन पर कब्जा है, उसको भी मुक्त कराएंगे।
जीआईएस सर्वे की रिपोर्ट के बाद 80 हजार लोगों को नोटिस भेज दिया है। अभी नोटिस पर आपत्तियां आ रही है, जिसका निस्तारण भी कराया जा रहा है। करीब एक महीने बाद ही हाउस-जल का नया सत्र शुरू होगा। जिसमें नई प्रॉपर्टी को शामिल करने की बात चल रही है। -अवधेश कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नगर निगम