{"_id":"5f269e2e8ebc3e60551e0583","slug":"maulana-dharmaguru-nazir-ahmad-kasami-died-in-muzaffarnagar-he-was-highlighted-after-kaval-scandal","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुजफ्फरनगर: कवाल कांड से चर्चा में आए मुस्लिम धर्मगरू मौलाना नजीर अहमद कासमी का निधन, जनाजे में उमड़ा जनसैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुजफ्फरनगर: कवाल कांड से चर्चा में आए मुस्लिम धर्मगरू मौलाना नजीर अहमद कासमी का निधन, जनाजे में उमड़ा जनसैलाब
Sun, 02 Aug 2020 04:47 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 02 Aug 2020 04:47 PM IST
सार
- - सीएम अखिलेश यादव ने विशेष विमान से बुलाया था लखनऊ
विज्ञापन
जानसठ में मौलाना नजीर अहमद कासमी के जनाजे में शामिल लोग
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जानसठ निवासी मुस्लिमों के धर्मगुरु मौलाना नजीर अहमद कासमी का निधन हो गया, वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे। 2013 में कवाल कांड के बाद वह काफी चर्चाओं में आए थे।
विज्ञापन
तत्कालीन सपा कि अखिलेश सरकार ने उन्हें अपने विशेष विमान से लखनऊ बुलाया था। बाद में उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। उनके जनाजे में सैकड़ों लोग ने शामिल होकर शोक जताया।
विज्ञापन
जानसठ के तालीम-उल कुरान के मोलाना 82 वर्षीय नजीर अहमद कासमी का रविवार की सुबह बीमारी के चलते मुजफ्फरनगर के एक प्राइवेट अस्पताल में इंतकाल हो गया। जिसको लेकर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
2013 में चर्चित कवाल कांड में 3 सितंबर को कवाल जाते हुए खतौली तिराहे पर पुलिस प्रशासन ने मौलाना को रोक लिया था। हंगामा होने पर पुलिस ने मौलाना के विरुद्ध धारा 144 का उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज किया था।
मुजफ्फरनगर में दंगों के दौरान तत्कालीन प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मौलाना को विशेष हैलीकॉप्टर से लखनऊ में मेहमान नवाजी के लिए बुलाया था। मेरठ में परतापुर से मौलाना हैलीकॉप्टर में बैठकर लखनऊ गए थे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ से लौटते ही मौलाना को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। जिसको लेकर भाजपा नेताओं ने ऐतराज जताया था। रविवार दोपहर बाद मदरसा परिसर में उन्हें दफनाया गया जनाजे में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।
मुजफ्फरनगर में दंगों के दौरान तत्कालीन प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मौलाना को विशेष हैलीकॉप्टर से लखनऊ में मेहमान नवाजी के लिए बुलाया था। मेरठ में परतापुर से मौलाना हैलीकॉप्टर में बैठकर लखनऊ गए थे।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ से लौटते ही मौलाना को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। जिसको लेकर भाजपा नेताओं ने ऐतराज जताया था। रविवार दोपहर बाद मदरसा परिसर में उन्हें दफनाया गया जनाजे में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।