फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Mati Lal last farewell, iron was fought in the fight against terrorists

नजरपुर के लाल को अंतिम विदाई, आतंकियों से लड़ाई में लिया था लोहा

Thu, 28 Sep 2017 06:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/ बिजनौर Updated Thu, 28 Sep 2017 06:55 PM IST
विज्ञापन
Mati Lal last farewell, iron was fought in the fight against terrorists
माटी के लाल को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

कश्मीर में ड्रिल के दौरान मोर्टार फटने से घायल लांस नायक गजेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। सैनिक का शव बुधवार को उनके पैतृक गांव लाया गया और गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

विज्ञापन


बिजनौर में चांदपुर क्षेत्र के गांव नजरपुर निवासी होशराम सिंह का 35 साल का पुत्र गजेंद्र पिछले 14 साल से 16 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। जम्मू कश्मीर के सुरन कोट में वह तैनात थे। सेना में गजेंद्र लांस नायक थे। गजेंद्र के भाई महीपाल के मुताबिक 22 सितंबर को फायरिंग रेंज पर आतंकियों से लड़ाई में सैनिकों को तैयार रखने के लिए ड्रिल की जा रही थी। ड्रिल में मोर्टार दागा गया तो वह पहाड़ी से टकरा गया। मोर्टार से निकले कण गजेंद्र की गर्दन में आ लगे। गजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। गजेंद्र को दिल्ली के आर्मी के बेस हास्पिटल में दाखिल कराया गया था। मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे गजेंद्र ने वहां अंतिम सांस ली। कर्नल पीके मुदगल के मुताबिक गजेंद्र को शहीद का दर्जा दे दिया गया है।
विज्ञापन


पढ़ें : बीवी से परेशान CRPF के जवान ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा...

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

शव देखने के लिए भीड़ लगी

Mati Lal last farewell, iron was fought in the fight against terrorists
जवान के गांव में पहुंचे अाला अधिकारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

सेना के अफसर बुधवार को गजेंद्र का शव लेकर गांव पहुंचे तो आसपास के इलाके की शव देखने के लिए भीड़ लग गई। गजेंद्र के शव को सलामी देने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सेना के कर्नल पीके मुदगल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी वीके सिंह, एडीएम चांदपुर वीके  सिंह सीओ अंशु जैन, विधायक कमलेश सैनी के पति हरिराज  सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे। गजेंद्र के 13 साल के इकलौते बेटे अदित ने उनके शव को मुखाग्नि दी। गजेंद्र सिंह के बेटे अदित के अलावा 16 साल की बेटी अनू है। कर्नल पीके मुदगल के मुताबिक गजेंद्र को शहीद का दर्जा दे दिया गया है। 

परिवार के सात सदस्य रहे हैं सेना में  
गजेंद्र के ताऊ खड़क सिंह का बेटा महीपाल, अनिल व नरेंद्र के अलावा दूसरे ताऊ रामशरण का बेटा प्रमोद व चाचा करण सिंह का बेटा प्रदीप सेना में जवान हैं। दूसरे चाचा सोमपाल का बेटा राजेश भी सेना में था। 2014 में फतेहगढ़ में हुए हमले में वह शहीद हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक इस गांव के करीब 25 युवक सेना में भर्ती है। पूरा गाव सेना को समर्पित हैं। कई अन्य युवक सेना में भर्ती की तैयारी में जुटे है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed