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फर्जी डिग्री वालों की शादी खतरे में, आप खुद ही जान ले क्या है माजरा ?

Fri, 19 May 2017 12:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ विपिन धनकड़ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ विपिन धनकड़ मेरठ Updated Fri, 19 May 2017 12:08 PM IST
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Marriage of fictitious degree in danger, what do you know by yourself ?
फर्जी डिग्री वालों की शादी भी खतरे में

मेरठ में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने वालों की अब शादी भी खतरे में है। डिग्री सच्ची है तो रिश्ता पक्का समझो। समझदार और जागरूक लोग शादी का रिश्ता पक्का करने से पहले चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में लड़का-लड़की की डिग्री का सत्यापन करा रहे हैं। किसी का होने वाला ससुर बहू की बीएड डिग्री की सच्चाई जानने के लिए आरटीआई लगा रहा है तो किसी लड़की के घरवाले लड़के की डिग्री की हकीकत जानने के लिए बेचैन हैं। डिग्री सत्यापन का यह सामाजिक कनेक्शन हाल में सामने आया है। विवि के पास पहले इस तरह के केस नहीं आते थे। नौकरी लगने पर डिग्री का रुटीन वेरिफिकेशन होता था।    

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सीसीएसयू में डिग्री और मार्कशीट सत्यापन के केस सिर्फ कंपनी और विभागों द्वारा ही नहीं आ रहे। आरटीआई लगाकर भी लोग स्टूडेंट्स की डिग्री और मार्कशीट असली है या नकली, इसकी जानकारी कर रहे हैं। तीन-चार साल से इस तरह के केस में आरटीआई लगने लगी है। आमतौर पर विवि जांच के केस में डिग्री और मार्कशीट का सत्यापन करता है। शुरूआत में सरकारी विभागों में जिनकी नौकरी लगती थी, उनकी डिग्री की जांच संबंधित विवि में आती थी। सरकारी के बाद अब कुछ प्राइवेट कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के शैक्षिक रिकॉर्ड का सत्यापन कराने लगी हैं।

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सत्यापन में सामाजिक तानाबाना

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रिश्ते तय होने में डिग्री की सच्चाई जानी जा रही है

दिलचस्प पहलू ये है कि अब सत्यापन सामाजिक तानाबाना से जुड़ गया है। रिश्ते तय होने में डिग्री की सच्चाई जानी जा रही है। लड़कियों के मामले में बीएड की डिग्री का वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। रिश्ता तय होने के दौरान लड़की बीएड है, यह बात मायने रखती है। भविष्य में सरकारी नौकरी होने की उम्मीद रहती है। उम्मीद धूमिल न हो जाए, लड़के वाले डिग्री का पता कर रहे हैं। लड़कों के केस में भी ऐसा हो रहा है। जिनको पता करने की जल्दी होती है, वह आरटीआई न लगाकर सीधे विवि पता करने पहुंच जाते हैं। कर्मचारियों से रिकॉर्ड दिखाने का निवेदन करते हैं। महीने में डिग्री के सत्यापन के लिए औसतन 10 से 15 आरटीआई आ रही हैं।

लोगों में जागरूकता बढ़ी
विजिलेंस ऑफिसर, सीसीएसयू प्रो. संजय भारद्वाज का कहना है कि आमतौर पर डिग्री का सत्यापन नौकरी से जुड़ा होता है, लेकिन शादी से जुड़े मामलों को तय करने के लिए भी लोग स्टूडेंट्स की डिग्री वेरिफिकेशन के लिए आते हैं। ऐसे केस में आरटीआई लगाते हैं। लोगों के जागरूक होने की वजह से ऐसा हो रहा है। डिग्री वेरिफिकेशन के लिए आरटीआई की संख्या बढ़ी है।

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