यूपी: एक लाख के इनामी बाफर को गनर देने में घिरे कई अफसर, शासन ने बैठाई जांच
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सुरक्षा उपलब्ध कराने की रिपोर्ट में भूपेंद्र बाफर के आपराधिक इतिहास को छिपाने की बात कही जा रही है। उसके चलते अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। बाफर जानी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ 30 से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं।
कुख्यात भूपेंद्र बाफर एक लाख रुपये का इनामी बदमाश रह चुका है और इन दिनों जमानत पर बाहर था। करीब दो माह पहले सरकारी सुरक्षा प्रदान करते हुए दो गनर सिपाही अमित और सतीश दिए गए थे।
भूपेंद्र बाफर बदन सिंह बद्दो और सुशील मूंछ के साथ जरायम की दुनिया में सक्रिय रहा था। यह बात अलग है कि करीब दो साल पहले बाफर और बद्दो का विवाद हो गया था और वह अलग हो गए थे। बद्दो से विवाद के चलते बाफर की सुशील मूंछ से भी दूरी बन गई थी। माफिया बदन सिंह बद्दो बीती 28 मार्च को होटल मुकुट महल से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। तब से बद्दो का कोई सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है।
सुरक्षा का मामला पहुंचा शासन
नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों ने भूपेंद्र बाफर को सरकारी सुरक्षा उपलब्ध कराने के मामले पर सरधना विधायक संगीत सोम ने रविवार को न केवल एसएसपी मेरठ को पत्र लिखकर जवाब मांगा, बल्कि मुख्यमंत्री सहित शासन को भी पत्र लिखा।
शासन स्तर से इस मामले में जांच बैठा दी गई है। इस प्रकरण में सरकारी सुरक्षा देने वाले अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। बाफर को सुरक्षा उपलब्ध कराने में इन दोनों की रिपोर्ट अहम रही थी।
जान का खतरा बताया था
कुख्यात सुशील मूंछ की गिरफ्तारी के बाद भूपेंद्र बाफर ने जान का खतरा बताया था, जिस पर डीएम, तत्कालीन एसएसपी और सीओ एलआईयू की रिपोर्ट पर बाफर को सुरक्षा मुहैया कराई गई। -अजय साहनी, एसएसपी मेरठ