फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Many officers surrounded after giving gunners to criminal Bafar in Meerut, Government placed probe

यूपी: एक लाख के इनामी बाफर को गनर देने में घिरे कई अफसर, शासन ने बैठाई जांच

Tue, 16 Jul 2019 10:52 AM IST
Dimple Sirohi अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ
अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 16 Jul 2019 10:52 AM IST
विज्ञापन
Many officers surrounded after giving gunners to criminal Bafar in Meerut, Government placed probe
भूपेंद्र बाफर समेत अन्य गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
भूपेंद्र बाफर को सरकारी सुरक्षा देने के मामले में डीएम अनिल ढींगरा, तत्कालीन एसएसपी नितिन तिवारी व सीओ एलआईयू घिरते नजर आ रहे हैं। शासन ने मामले में जांच बैठा दी है।
विज्ञापन


सुरक्षा उपलब्ध कराने की रिपोर्ट में भूपेंद्र बाफर के आपराधिक इतिहास को छिपाने की बात कही जा रही है। उसके चलते अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। बाफर जानी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ 30 से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। 
विज्ञापन


कुख्यात भूपेंद्र बाफर एक लाख रुपये का इनामी बदमाश रह चुका है और इन दिनों जमानत पर बाहर था। करीब दो माह पहले सरकारी सुरक्षा प्रदान करते हुए दो गनर सिपाही अमित और सतीश दिए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बद्दो से हुआ था विवाद
भूपेंद्र बाफर बदन सिंह बद्दो और सुशील मूंछ के साथ जरायम की दुनिया में सक्रिय रहा था। यह बात अलग है कि करीब दो साल पहले बाफर और बद्दो का विवाद हो गया था और वह अलग हो गए थे। बद्दो से विवाद के चलते बाफर की सुशील मूंछ से भी दूरी बन गई थी। माफिया बदन सिंह बद्दो बीती 28 मार्च को होटल मुकुट महल से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। तब से बद्दो का कोई सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। 

सुरक्षा का मामला पहुंचा शासन
नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों ने भूपेंद्र बाफर को सरकारी सुरक्षा उपलब्ध कराने के मामले पर सरधना विधायक संगीत सोम ने रविवार को न केवल एसएसपी मेरठ को पत्र लिखकर जवाब मांगा, बल्कि मुख्यमंत्री सहित शासन को भी पत्र लिखा।

शासन स्तर से इस मामले में जांच बैठा दी गई है। इस प्रकरण में सरकारी सुरक्षा देने वाले अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। बाफर को सुरक्षा उपलब्ध कराने में इन दोनों की रिपोर्ट अहम रही थी।  

जान का खतरा बताया था 
कुख्यात सुशील मूंछ की गिरफ्तारी के बाद भूपेंद्र बाफर ने जान का खतरा बताया था, जिस पर डीएम, तत्कालीन एसएसपी और सीओ एलआईयू की रिपोर्ट पर बाफर को सुरक्षा मुहैया कराई गई। -अजय साहनी, एसएसपी मेरठ 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed