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काम, क्रोध, लोभ और मोह के विकार दूर करें : अंश वशिष्ठ
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- शास्त्रीनगर के शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नर नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में शास्त्रीनगर शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बाल कथा व्यास पंडित अंश वशिष्ठ ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने पूतना, अघासुर, बकासुर सहित अनेक राक्षसों के वध के प्रसंग सुनाए।
उन्होंने कहा कि भगवान ने इन लीलाओं के माध्यम से संदेश दिया कि जैसे पृथ्वी पर राक्षसों का विनाश आवश्यक था, वैसे ही मनुष्य के भीतर बसे काम, क्रोध, लोभ और मोह रूपी राक्षसों का नाश करना भी जरूरी है। ये विकार मनुष्य को कुरीतियों की ओर ले जाते हैं। इनके विनाश से ही व्यक्ति एवं समाज का कल्याण संभव है।
कथा में कालिया नाग दमन का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का मानमर्दन कर यमुना जल को पवित्र किया। समाज को जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में पृथ्वी पर सबसे बड़ा संकट जल का होगा। जल संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करना जरूरी है।
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इसके बाद गोवर्धन लीला का सुंदर वर्णन किया गया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा के दौरान प्रस्तुत संगीतमयी भजनों पर श्रद्धालु झूमते रहे। सभी भक्तों ने भगवान गोवर्धन का पूजन भी किया। यजमान संजीव शर्मा एवं सर्वेंद्र रस्तोगी ने श्रीमद्भागवत एवं व्यास जी का पूजन किया। मंडप में आचार्य एवं व्यवस्थापक ध्रुव वशिष्ठ ने यजमानों से गोवर्धन पूजन कराया। कार्यक्रम में ओम प्रकाश मखीजा, केवल खन्ना, मुकेश शर्मा, पंडित गौरव नौटियाल, पंडित शिव कुमार शर्मा, पंकज कतीरा एवं मनोज शर्मा रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नर नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में शास्त्रीनगर शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बाल कथा व्यास पंडित अंश वशिष्ठ ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने पूतना, अघासुर, बकासुर सहित अनेक राक्षसों के वध के प्रसंग सुनाए।
उन्होंने कहा कि भगवान ने इन लीलाओं के माध्यम से संदेश दिया कि जैसे पृथ्वी पर राक्षसों का विनाश आवश्यक था, वैसे ही मनुष्य के भीतर बसे काम, क्रोध, लोभ और मोह रूपी राक्षसों का नाश करना भी जरूरी है। ये विकार मनुष्य को कुरीतियों की ओर ले जाते हैं। इनके विनाश से ही व्यक्ति एवं समाज का कल्याण संभव है।
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कथा में कालिया नाग दमन का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का मानमर्दन कर यमुना जल को पवित्र किया। समाज को जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में पृथ्वी पर सबसे बड़ा संकट जल का होगा। जल संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करना जरूरी है।
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इसके बाद गोवर्धन लीला का सुंदर वर्णन किया गया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा के दौरान प्रस्तुत संगीतमयी भजनों पर श्रद्धालु झूमते रहे। सभी भक्तों ने भगवान गोवर्धन का पूजन भी किया। यजमान संजीव शर्मा एवं सर्वेंद्र रस्तोगी ने श्रीमद्भागवत एवं व्यास जी का पूजन किया। मंडप में आचार्य एवं व्यवस्थापक ध्रुव वशिष्ठ ने यजमानों से गोवर्धन पूजन कराया। कार्यक्रम में ओम प्रकाश मखीजा, केवल खन्ना, मुकेश शर्मा, पंडित गौरव नौटियाल, पंडित शिव कुमार शर्मा, पंकज कतीरा एवं मनोज शर्मा रहे।