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मनुष्य अपने दुख का स्वयं जिम्मेदार : भारत भूषण
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मनुष्य अपने दुख का स्वयं जिम्मेदार : भारत भूषण
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य 108 भारत भूषण महाराज के ससंघ सानिध्य में भक्तामर विधान एवं पाठ के 24वें दिन बृहस्पतिवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
धर्मसभा में आचार्य 108 भारत भूषण महाराज ने कहा कि मनुष्य अपने दुखों का स्वयं जिम्मेदार है। दुखों को विस्तारित करने वाला भी वह स्वयं है। किसी दूसरे के दुख को देखकर पिघलना आसान है, परंतु स्वयं के दुखों को पिघलाना कठिन है। व्यक्ति स्वयं के दुखों को बार-बार सोचता है और उसका विस्तार करता चला जाता है। जिस दिन तुमने अपने दुखों के बारे में सोचना बंद कर दिया, उसी दिन से तुम सुखी हो जाओगे।
इससे पूर्व स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य निधीश जैन व शांतिधारा करने का सौभाग्य संजय जैन, पुष्पित जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन सविता जैन, प्रिया जैन, मोनिका, मुस्कान जैन, नेहा जैन, शेफाली जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
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रेखा जैन, राजेंद्र कुमार जैन, शैंकी जैन ने भजन प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधान का विसर्जन सुमन जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन पूजा जैन, उमेश जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन निर्मल जैन, सतीशचंद जैन, चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन मीना जैन, कमल जैन ने किया।
इस मौके पर मुकेश जैन, मनोज जैन, सुभाष जैन, राजीव जैन, प्रेम जैन, अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन सराफ, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, धनप्रकाश जैन, अनिल जैन, कुणाल जैन, नवीन जैन सराफ का सहयोग रहा।
दिल्ली में स्थापित होगी भगवान भरत स्वामी की प्रतिमा
हस्तिनापुर। जम्बूद्वीप स्थित रत्नत्रय निलय त्यागी भवन में बृहस्पतिवार को गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता की सभा का आयोजन किया गया। संस्थान के मंत्री विजय कुमार जैन ने मंगलाचरण से सभा का शुभारंभ किया।
पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी ने दिगंबर जैन ने बताया कि पूज्य माता का मंगल विहार 20 वर्ष बाद दिल्ली के लिए हो रहा है। इस दौरान कनॉट प्लेस स्थित जैन निशि मंदिर में भगवान भरत स्वामी की 31 फीट की प्रतिमा विराजमान की जाएगी। इसकी प्राणप्रतिष्ठा मई माह में होगी। इस दौरान प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता और ज्ञानमती माता ने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। इसके बाद जम्बूद्वीप स्थित सुमेरू पर्वत पर अभिषेक देखा और भगवान मुनिसुव्रतनाथ के निर्वाण कल्याणक के अवसर पर निर्वाण लाडू चढ़वाया।
इसी क्रम में कमल मंदिर में भगवान महावीर स्वामी की अतिशयकारी प्रतिमा का अभिषेक देखकर जम्बूद्वीप स्थल से दिल्ली की ओर प्रस्थान किया। इसके पूर्व दिल्ली से आए प्रमोद जैन, अनिल जैन, हेमचंद जैन, राजकुमार जैन, महेशचंद जैन, विजय जैन, सुनंदा जैन, सुनील जैन, मनोज जैन, राकेश जैन आदि ने श्रीफल समर्पित करके पूज्य माता से दिल्ली विहार के लिए निवेदन किया। सुरेश जैन कुलाधिपति तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद ने भी श्रीफल समर्पित किया।
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हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य 108 भारत भूषण महाराज के ससंघ सानिध्य में भक्तामर विधान एवं पाठ के 24वें दिन बृहस्पतिवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
धर्मसभा में आचार्य 108 भारत भूषण महाराज ने कहा कि मनुष्य अपने दुखों का स्वयं जिम्मेदार है। दुखों को विस्तारित करने वाला भी वह स्वयं है। किसी दूसरे के दुख को देखकर पिघलना आसान है, परंतु स्वयं के दुखों को पिघलाना कठिन है। व्यक्ति स्वयं के दुखों को बार-बार सोचता है और उसका विस्तार करता चला जाता है। जिस दिन तुमने अपने दुखों के बारे में सोचना बंद कर दिया, उसी दिन से तुम सुखी हो जाओगे।
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इससे पूर्व स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य निधीश जैन व शांतिधारा करने का सौभाग्य संजय जैन, पुष्पित जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन सविता जैन, प्रिया जैन, मोनिका, मुस्कान जैन, नेहा जैन, शेफाली जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
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रेखा जैन, राजेंद्र कुमार जैन, शैंकी जैन ने भजन प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधान का विसर्जन सुमन जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन पूजा जैन, उमेश जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन निर्मल जैन, सतीशचंद जैन, चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन मीना जैन, कमल जैन ने किया।
इस मौके पर मुकेश जैन, मनोज जैन, सुभाष जैन, राजीव जैन, प्रेम जैन, अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन सराफ, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, धनप्रकाश जैन, अनिल जैन, कुणाल जैन, नवीन जैन सराफ का सहयोग रहा।
दिल्ली में स्थापित होगी भगवान भरत स्वामी की प्रतिमा
हस्तिनापुर। जम्बूद्वीप स्थित रत्नत्रय निलय त्यागी भवन में बृहस्पतिवार को गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता की सभा का आयोजन किया गया। संस्थान के मंत्री विजय कुमार जैन ने मंगलाचरण से सभा का शुभारंभ किया।
पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी ने दिगंबर जैन ने बताया कि पूज्य माता का मंगल विहार 20 वर्ष बाद दिल्ली के लिए हो रहा है। इस दौरान कनॉट प्लेस स्थित जैन निशि मंदिर में भगवान भरत स्वामी की 31 फीट की प्रतिमा विराजमान की जाएगी। इसकी प्राणप्रतिष्ठा मई माह में होगी। इस दौरान प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माता और ज्ञानमती माता ने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। इसके बाद जम्बूद्वीप स्थित सुमेरू पर्वत पर अभिषेक देखा और भगवान मुनिसुव्रतनाथ के निर्वाण कल्याणक के अवसर पर निर्वाण लाडू चढ़वाया।
इसी क्रम में कमल मंदिर में भगवान महावीर स्वामी की अतिशयकारी प्रतिमा का अभिषेक देखकर जम्बूद्वीप स्थल से दिल्ली की ओर प्रस्थान किया। इसके पूर्व दिल्ली से आए प्रमोद जैन, अनिल जैन, हेमचंद जैन, राजकुमार जैन, महेशचंद जैन, विजय जैन, सुनंदा जैन, सुनील जैन, मनोज जैन, राकेश जैन आदि ने श्रीफल समर्पित करके पूज्य माता से दिल्ली विहार के लिए निवेदन किया। सुरेश जैन कुलाधिपति तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय मुरादाबाद ने भी श्रीफल समर्पित किया।