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खाकी का बदरंग चेहरा बदलेगी महिला पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Sun, 10 Apr 2016 02:21 AM IST
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मेरठ के सदर थाने में रजिस्टर में एंट्री करती सिपाही।
- फोटो : अमर उजाला
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वेस्ट यूपी के थानों में अब महिला पुलिसकर्मी फरियादियों की शिकायतें सुनेंगी। शिकायत कर्ताओं के प्रति पुलिस का खराब आचरण और उनकी सुनवाई न होने के चलते शासन ने ये फैसला लिया है। ऐसे में शासन ने खाकी के बदरंग चेहरे को बदलने के लिए महिला पुलिस को प्राथमिकता दी है। डीजीपी ने इस संबंध में सरकुलर जारी किया है। इसके बाद आईजी, डीआईजी ने थानों से महिला कांस्टेबलों की सूची मांगी है। यह व्यवस्था जल्द मेरठ जोन में लागू हो जाएगी। बताया गया कि महिला पुलिस के लिए थानों में अलग से रिसेप्शन खुलेगा, जहां फरियादी प्राथमिक शिकायत कर सकेंगे।
तसल्ली से शिकायत सुनी जाएगी
जानलेवा हमला, लूटपाट, चोरी, मारपीट या अन्य मामले की शिकायत थानों में तसल्ली से सुनी जाए तो मामला आसानी से निपट जाए। कई बार शिकायत न सुनने पर फरियादियों और पुलिस में मारपीट तक हो जाती है। महिला पुलिस तसल्ली से शिकायत सुनेंगी तो फरियादी भी मामले को तूल नहीं देगा।
ज्यादा पुलिस सड़कों पर रहेगी
शिफ्टों में महिला पुलिस 24 घंटे थानों में ड्यूटी करेंगी। शिकायत सुनने का काम महिला पुलिस करेगी। अधिकांश पुरुष कांस्टेबल, दरोगाओं को सड़कों पर तैनात किया जाएगा। थानेदार मॉनिटिरिंग करेंगे और अधिकारियों को रोजाना रिपोर्ट देंगे। महिला कांस्टेबल प्राथमिक शिकायत सुनने के बाद दरोगा या फिर थानेदार के सामने फरियादी को लेकर जाएंगी।
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सीसीटीवी कैमरे रखेंगे नजर
सभी थानोें में दो-दो कमरे लगाए गए हैं। एक कैमरा थाने के मुख्य गेट पर और दूसरा ऑफिस में। थाने में हंगामा करते लोग सीसीटीवी कैमरे में कैद होंगे। साथ ही पुलिसकर्मियों का व्यवहार फरियादियों के साथ कैसा होता है, यह सब कैमरे में कैद होगा। लखनऊ से कैमरे को जोड़ा गया है, ताकि प्रत्येक थाने की व्यवस्था उच्चाधिकारियों को पता चल सके।
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तसल्ली से शिकायत सुनी जाएगी
जानलेवा हमला, लूटपाट, चोरी, मारपीट या अन्य मामले की शिकायत थानों में तसल्ली से सुनी जाए तो मामला आसानी से निपट जाए। कई बार शिकायत न सुनने पर फरियादियों और पुलिस में मारपीट तक हो जाती है। महिला पुलिस तसल्ली से शिकायत सुनेंगी तो फरियादी भी मामले को तूल नहीं देगा।
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ज्यादा पुलिस सड़कों पर रहेगी
शिफ्टों में महिला पुलिस 24 घंटे थानों में ड्यूटी करेंगी। शिकायत सुनने का काम महिला पुलिस करेगी। अधिकांश पुरुष कांस्टेबल, दरोगाओं को सड़कों पर तैनात किया जाएगा। थानेदार मॉनिटिरिंग करेंगे और अधिकारियों को रोजाना रिपोर्ट देंगे। महिला कांस्टेबल प्राथमिक शिकायत सुनने के बाद दरोगा या फिर थानेदार के सामने फरियादी को लेकर जाएंगी।
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सीसीटीवी कैमरे रखेंगे नजर
सभी थानोें में दो-दो कमरे लगाए गए हैं। एक कैमरा थाने के मुख्य गेट पर और दूसरा ऑफिस में। थाने में हंगामा करते लोग सीसीटीवी कैमरे में कैद होंगे। साथ ही पुलिसकर्मियों का व्यवहार फरियादियों के साथ कैसा होता है, यह सब कैमरे में कैद होगा। लखनऊ से कैमरे को जोड़ा गया है, ताकि प्रत्येक थाने की व्यवस्था उच्चाधिकारियों को पता चल सके।