मेरठ के महेंद्र अग्रवाल बने 'खबर खजाना' के विनर, अमर उजाला के बारे में बताई ये रोचक बात
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अमर उजाला द्वारा पाठकों के लिए चलाए जा रहे कॉन्टेस्ट 'खबर खजाना' में मेरठ के महेंद्र अग्रवाल विजेता बने। उन्हें अमर उजाला के मेरठ स्थित कार्यालय में 'सोने का सिक्का' देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला के साथ अपने अनुभव साझा किए...
मोदीपुरम के पल्लवपुरम फेस-1 निवासी महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि उनका बचपन आगरा में गुजरा है। वह 1962 से अमर उजाला के नियमित पाठक हैं। उन्होंने बताया कि उस वक्त अमर उजाला की कीमत केवल दो रुपये थी और चार पेज का अखबार आता था। वह तब से आज तक अमर उजाला पढ़ रहे हैं।
उनके मुताबिक कुछ साल पहले एक अन्य अखबार भी लिया, लेकिन वह बात नजर नहीं आई जो अमर उजाला में हैं। इस अखबार की खबरों से एक संतुष्टि मिलती है। यहीं कारण है कि हमेशा अमर उजाला ही पढ़ते आए हैं। उन्हें अखबार में माई सिटी और लोकल खबरें आकर्षित करती हैं।
अमर उजाला के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह अमर उजाला के संस्थापक स्वर्गीय श्री डोरीलाल अग्रवाल के पड़ोसी रहे हैं। आगरा स्थित उनके आवास और महेंद्र अग्रवाल के घरों में केवल तीन चार मकानों का ही फासला था। हालांकि, वर्तमान में वह मेरठ में रहते हैं।
पहली बार बने किसी कॉन्टेस्ट के विजेता
महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि खबर खजाना के विजेता बनने की सूचना मिलने पर उन्हें बेहद खुशी हुई। वह इससे पहले खेलो जीतो प्रतियोगिताओं का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन पहली बार किसी कॉन्टेस्ट के विनर बने हैं।