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चंद्रग्रहण आज, सूतक लगने के बाद 17 जुलाई को खुलेंगे मंदिरों के कपाट, गर्भवती महिलाएं करें ये काम

Tue, 16 Jul 2019 11:43 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 16 Jul 2019 11:43 AM IST
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Chandra Grahan 2019 Sutak Timing In India: temples door will be closed in Meerut News
lunar eclipse 2019
चंद्रग्रहण के चलते आज (मंगलवार) दोपहर बाद सूतक काल लगने से सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। श्रावण के शुभारंभ पर 17 जुलाई को सुबह 5:30 बजे मंदिरों के कपाट खुलेंगे। उधर श्रावण मास को लेकर शिवालयों व अन्य मंदिरों में पूजा पाठ व अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों में बैरिकेडिंग, लाइटिंग आदि की व्यवस्था हो चुकी है। सजावट का कार्य अंतिम चरण में है। 
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महाविल्वेश्वर नाथ मंदिर सदर, दिल्ली रोड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर, नगर निगम कार्यालय झारखंडी महादेव मंदिर, ठठेरवाड़ा शिव मंदिर, सूरजकुंड बाबा मनोहर नाथ मंदिर, शिव मंदिर साकेत आदि मंदिरों में सफाई, रंगाई और पुताई आदि का कार्य पूर्ण हो गया है। बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति अध्यक्ष डॉ. महेश बंसल ने बताया कि मंदिर में बैरिकेडिंग हो गई है। लाइटिंग भी रात तक हो जाएगी। 
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आषाढ़ मास में होती है गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु के प्रति आदर और कृतज्ञता व्यक्त करने के पर्व के रूप में माना जाता है। शहर भर में आज गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पर्व महर्षि वेद व्यास को समर्पित है। महर्षि वेद व्यास का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को करीब तीन हजार ईसा पूर्व हुआ था।

आचार्य कौशल वत्स के अनुसार शिव ही सबसे पहले गुरु हैं। पुराणों के अनुसार शनि और परशुराम भगवान शिव के दो शिष्य हैं। शहर में आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंदिरों में विशेष पूजा होगी।

देश में भी दिखेगा चंद्रग्रहण 
आषाढ़ पूर्णिमा मंगलवार रात में 1:31 बजे से सुबह 4:30 बजे के बीच अर्धाधिकचंद्रग्रहण संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। पंडित विनोद त्यागी के अनुसार इस ग्रहण के सूतक मंगलवार शाम 4:31 बजे से लगेंगे। शास्त्रानुसार वृद्ध, रोगी एवं बालकों को छोड़कर सूतकों में भोजन, शयन आदि नहीं करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को ग्रहण देखने, धारदार चाकू, छुरी आदि के प्रयोग से बचना चाहिए। साड़ी या चुन्नी के पल्लू पर गेरू लगाना चाहिए। यह ग्रहण धनु, मकर राशि एवं उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में होने के कारण वृष, मिथुन, कन्या, तुला, कुंभ एवं मीन राशि के लिए शुभ होगा। मेष, कर्क, सिंह राशि के लिए परेशानी वाला और वृश्चिक, धनु व मकर राशि के लिए मध्यम फल कारक  रहेगा। 
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