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लोकतंत्र सेनानी की मौत, हत्या की आशंका
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 07 Aug 2016 02:06 AM IST
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लोकतंत्र सैनानी
- फोटो : अमर उजाला
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इमरजेंसी के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानी की मौत के बाद बखेड़ा हो गया। जैसे ही पुलिस लोकतंत्र सेनानी को सलामी देने पहुंची तो एक युवक ने लखनऊ से पुलिस अफसरों को फोन करते हुए हत्या की आशंका जताई। साथ ही कहा कि वह उनकी दूसरी पत्नी का बेटा है। इस पर पुलिस ने अंतिम संस्कार की कार्रवाई रुकवा दी।
इंस्पेक्टर सदर गजेंद्रपाल सिंह के मुताबिक, मूलरूप से बागपत के भढ़ल धनौरा निवासी जिलेश कुमार पहवाल (89) लाल क्वार्टर में रहते थे। वह इमरजेंसी के दौरान जेल गये थे। उनकी पत्नी भगवती और बेटी संगीता की मौत हो चुकी है। इस समय लोकतंत्र सेनानी के भांजे सुखपाल का बेटा शिवम अपनी बहन के साथ उनकी देखरेख करता था। शनिवार तड़के चार बजे उनकी मौत हो गई। लोकतंत्र सेनानी की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस लाइन से सलामी देने के लिए पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान लखनऊ से किसी अनूप शर्मा ने इंस्पेक्टर सदर और अन्य पुलिस अफसरों को फोन करके जानकारी दी कि मैं जिलेश कुमार का बेटा हूं। मुझे आशंका है कि उनकी (लोकतंत्र सेनानी) हत्या की गई है। साथ ही फैक्स द्वारा पुलिस को तहरीर भी भेजी। इसके बाद सदर इंस्पेक्टर गजेंद्रपाल, एसओ लालकुर्ती प्रदीप त्रिपाठी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और अंतिम संस्कार की कार्रवाई रुकवा दी। इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल ने कहा कि मामला संपत्ति के विवाद का हो सकता है। इस बीच वहां आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने कहा कि जिलेश कुमार ने दूसरी शादी नहीं की थी। जो देखरेख कर रहा है उसे ही संपत्ति पर पूरा अधिकार है। उनकी जायदाद संबंधी कागजात भी हैं। बाद में इंस्पेक्टर सदर ने किसी तरह लोगों को शांत किया और कहा कि लखनऊ से अनूप आ जाए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
शोक जताया
लोकतंत्र सेनानी जिलेश कुमार के निधन पर लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल वीरेंद्र ने शोक व्यक्त किया। इस दौरान देवेंद्रपाल सिंह, राकेश शर्मा, उम्मेद अली, राजेंद्र डाबका, वेदपाल आदि मौजूद रहे।
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इंस्पेक्टर सदर गजेंद्रपाल सिंह के मुताबिक, मूलरूप से बागपत के भढ़ल धनौरा निवासी जिलेश कुमार पहवाल (89) लाल क्वार्टर में रहते थे। वह इमरजेंसी के दौरान जेल गये थे। उनकी पत्नी भगवती और बेटी संगीता की मौत हो चुकी है। इस समय लोकतंत्र सेनानी के भांजे सुखपाल का बेटा शिवम अपनी बहन के साथ उनकी देखरेख करता था। शनिवार तड़के चार बजे उनकी मौत हो गई। लोकतंत्र सेनानी की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस लाइन से सलामी देने के लिए पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान लखनऊ से किसी अनूप शर्मा ने इंस्पेक्टर सदर और अन्य पुलिस अफसरों को फोन करके जानकारी दी कि मैं जिलेश कुमार का बेटा हूं। मुझे आशंका है कि उनकी (लोकतंत्र सेनानी) हत्या की गई है। साथ ही फैक्स द्वारा पुलिस को तहरीर भी भेजी। इसके बाद सदर इंस्पेक्टर गजेंद्रपाल, एसओ लालकुर्ती प्रदीप त्रिपाठी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और अंतिम संस्कार की कार्रवाई रुकवा दी। इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल ने कहा कि मामला संपत्ति के विवाद का हो सकता है। इस बीच वहां आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने कहा कि जिलेश कुमार ने दूसरी शादी नहीं की थी। जो देखरेख कर रहा है उसे ही संपत्ति पर पूरा अधिकार है। उनकी जायदाद संबंधी कागजात भी हैं। बाद में इंस्पेक्टर सदर ने किसी तरह लोगों को शांत किया और कहा कि लखनऊ से अनूप आ जाए, उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
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शोक जताया
लोकतंत्र सेनानी जिलेश कुमार के निधन पर लोकतंत्र रक्षक सेनानी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल वीरेंद्र ने शोक व्यक्त किया। इस दौरान देवेंद्रपाल सिंह, राकेश शर्मा, उम्मेद अली, राजेंद्र डाबका, वेदपाल आदि मौजूद रहे।
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