चुनावी मंथन: बसपा का किला तोड़कर भाजपा ने जीती थी सहारनपुर लोकसभा सीट
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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए मैदान पूरी तरह से सज चुका है। गठबंधन के अलावा कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा हो चुकी है। भाजपा द्वारा अपने प्रत्याशी की घोषणा की जानी है। भाजपा बेशक सत्तारूढ़ दल है और लोकसभा सीट भी भाजपा पर ही है। लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के दो विधायक भी हैं। लेकिन कांग्रेस के भी दो विधायक हैं और कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद को मजबूत प्रत्याशी माना जाता है।
मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट: ध्रुवीकरण में उड़ गए थे जातीय समीकरण
वर्ष 2013 के दंगे के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में हिंदुत्व की ऐसी बयार बही कि जिले में जातिवाद की दीवारें ढह गईं। भाजपा की आंधी में यहां सभी दल उड़ गए। रालोद-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी पंकज अग्रवाल की तो जमानत जब्त हो गई। भाजपा के डॉ. संजीव बालियान ने बसपा के कादिर राना को चार लाख 1150 मतों से हराया था।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में किसी प्रत्याशी की जिले के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत हुई। भाजपा को सभी प्रत्याशियों को मिले कुल वोट से भी दो लाख 27 हजार 403 मत अधिक मिले। यह चुनाव सीधे हिंदुत्व पर आधारित रहा। हालांकि मुस्लिम वोट बसपा और सपा में विभाजित हुए। जिले में हिंदू वोटों में जो बिखराव हुआ, वह केवल दलित और गुर्जर वोटों में हुई।
सपा प्रत्याशी गुर्जर होने के कारण मुस्लिमों के साथ कुछ गुर्जर भी उनको मिला। सवर्ण, अतिपिछड़ा और जाट वोट में कोई डिविजन नहीं हुआ। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर भाजपा की यह चौथी जीत थी। इससे पहले भाजपा के नरेश बालियान और सोहनवीर सिंह सांसद बन चुके हैं।