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मिशन 2019: इस लोकसभा सीट पर भाजपा-गठबंधन और कांग्रेस के बीच होगा त्रिकोणीय मुकाबला

Wed, 10 Apr 2019 06:04 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Wed, 10 Apr 2019 06:04 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019, Will fight in BJP SP BSP alliance and congress on Bijnor lok sabha seat
लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

बिजनौर लोकसभा सीट पर भाजपा के भारतेंद्र सिंह, बसपा के मलूक नागर और कांग्रेस के नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। भारतेंद्र बिजनौर से दो बार विधायक रह चुके हैं और 2014 में इसी सीट से सांसद बने थे। मलूक नागर 2014 में भी बिजनौर से चुनाव लड़े थे। नसीमुद्दीन इस सीट से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। सभी प्रत्याशियों ने वोटरों को अपने पाले में करने के लिए जोर लगा रखा है। 

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भाजपा को ध्रुवीकरण, मोदी फैक्टर से आस
भाजपा प्रत्याशी भारतेंद्र को सवर्ण, सजातीय जाट वोटों के साथ अति पिछड़ों के गणित और मोदी फैक्टर व राष्ट्रवाद के मुद्दे से ध्रुवीकरण होने की आस है। इस सीट पर 1.30 लाख सवर्ण, डेढ़ लाख जाट और करीब दो लाख अति पिछड़े हैं। इस बार सपा, बसपा और रालोद के बीच गठबंधन होने से बने जातीय समीकरणों को भेदना उनके लिए बड़ी चुनौती होगा। इससे निपटने के लिए यहां सभा करने आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जोर भी ध्रुवीकरण पर रहा। 
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एससी, मुस्लिम, गुर्जर समीकरण पर भरोसा
इस बार सपा, बसपा और रालोद के बीच गठबंधन होने से समीकरण बदल गए हैं। इन बदले समीकरणों को मलूक नागर अपने पक्ष में मान रहे हैं। उन्हें मुस्लिम, अनुसूचित जाति और गुर्जर मतों के जरिए जीत का भरोसा है। बिजनौर संसदीय सीट पर करीब तीन लाख अनुसूचित जाति, पांच लाख मुस्लिम व करीब 1.75 लाख गुर्जर मतदाता हैं। इसके अलावा वह गठबंधन के सहयोगी दल रालोद के जरिए जाट वोटों में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

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दांव पर खुद की और पार्टी की प्रतिष्ठा
कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन की नजर भी मुस्लिम व अनुसूचित जाति के अलावा छोटी बिरादरी के वोटरों पर है। बसपा में रहने के दौरान उनके काफी संपर्क इस क्षेत्र में रहे हैं। यही वजह है कि मीरापुर से बसपा के विधायक रहे जमील अहमद कांग्रेस में शामिल होकर उनके साथ आ गए। नसीमुद्दीन का टिकट अंतिम क्षणों में घोषित हुआ और वह क्षेत्र में देर से सक्रिय हुए, इस कारण उनकी चुनौती बढ़ी हुई है। प्रचार समाप्त होने से पहले प्रियंका का रोड शो कराकर नसीमुद्दीन ने ताकत दिखाई है।

जीत के समीकरण
जाट         1,61,000
गुर्जर         1,75,000
मुस्लिम       5,06,500
एससी    3,10,000
सवर्ण        1,30,000
अन्य       4,00,000

इस सीट की विधानसभाएं
बिजनौर, पुरकाजी, मीरापुर, चांदपुर, हस्तिनापुर

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