लोकसभा चुनाव 2019: बसपा ने चला नया दांव, जोन इंचार्जों को सौंपी यह अहम जिम्मेदारी
बसपा ने यूपी को दो भागों में बांटकर जिस तरह से जोन इंचार्ज लगाए हैं, उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि बसपा अब नए तरीके से चुनावी समीक्षा करेगी। पश्चिमी यूपी के तीनों इंचार्ज नए गणित पर काम करेंगे। चर्चा है कि तीन अहम सीटों पर गैर मुस्लिमों को टिकट दिए जा सकते हैं।
पश्चिमी यूपी में संदेश यह जा रहा है कि बसपा मुस्लिम प्रत्याशियों के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की तैयारी में हैं। अहम सीटों पर यह दांव खेला जाता नजर भी आ रहा था, लेकिन बसपा की नई नीति ने कई सीटों पर दावे उलट पुलट कर दिए हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूरे यूपी को दो भागों में बांटा हैं। पश्चिमी यूपी में पूर्व एमएलसी सुनील चित्तौड़, शमशुद्दीन राइन और नरेश गौतम को लगाया है। मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ, बिजनौर, अमरोहा आदि सीटों पर तय माना जा रहा था कि मुस्लिम उम्मीदवार को बसपा मैदान में उतार रही है।
अब बदलाव के साथ ही यह चर्चा शुरू हो गई है कि बिजनौर, अलीगढ़ और अमरोहा में बसपा गैर मुस्लिम को भी टिकट देने पर विचार कर रही है। इसके लिए तीनों नए इंचार्ज सभी पदाधिकारियों से अलग अलग रायशुमारी करेंगे।
पुराने दिग्गज का भी रह सकता है हस्तक्षेप
पश्चिमी यूपी के तीन में से दो जोन इंचार्ज मेरठ के एक दिग्गज बसपाई के साथ काम कर चुके हैं। भले ही यह मुस्लिम दिग्गज इस समय पश्चिमी यूपी में काम नहीं कर रहे हों पर माना जा रहा है कि अब पश्चिमी यूपी के टिकटों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनसे सलाह ली जा सकती है।
मेरठ में भी नई कमान
आला स्तर पर ही नहीं, मेरठ में भी नई कमान दी गई है। सतपाल पेपला व कमल सिंह राज को मेरठ मंडल का इंचार्ज बनाया गया है। दिनेश काजीपुर और मुरारी लाल केन को मेरठ, बागपत और हापुड़ पर लगाया गया है। रामकुमार एवं जगरूप को मेरठ जिला प्रभारी बनाया गया है।
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