पश्चिम में चुनावी सफर पर निकलेंगे भाजपा के दिग्गज, राजेंद्र अग्रवाल बोले- 'मेरा मुकाबला बसपा से है'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव को लेकर पश्चिमी क्षेत्र में भाजपा के दिग्गज चुनावी सफर पर निकल गए हैं। पश्चिमी क्षेत्र में तीन जनपदों में चुनावी जनसभाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे।
क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा ने बताया कि 24 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर के शाकुंभरी देवी मंदिर के पास जनसभा को संबोधित करेंगे। 26 मार्च को अमित शाह मुरादाबाद में लाइन पार स्थित मैदान में रैली को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम मेरठ में तय हुआ है, वह 28 मार्च को पश्चिमी क्षेत्र की सभी आठ लोकसभाओं की संयुक्त रैली को संबोधित करेंगे।
मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट पर भाजपा के प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मेरा मुकाबला बसपा से है। उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हाजी याकूब कुरैशी ने ठीक ही कहा है कि उनका मुकाबला कांग्रेस से है। उन्होंने कहा कि वह खुद दूसरे व तीसरे स्थान के लिए कांग्रेस से मुकाबला कर रहे हैं। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित डी-9 में प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल के मुख्य चुनाव कार्यालय का शुभारंभ किया गया।
भाजपा के लिए भारी पड़ सकते हैं हरेंद्र अग्रवाल
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से राजेंद्र अग्रवाल को तीसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने पर भाजपा में मचे अंदरूनी घमासान पर कांग्रेस की बांछें खिलती नजर आ रही है। कांग्रेस का मानना है कि वैश्य बिरादरी के पार्टी प्रत्याशी हरेंद्र अग्रवाल भाजपा के परंपरागत वैश्य वोट में सेंधमारी कर सकते हैं। टिकट से नाराज भाजपा नेताओं के भी अंदरखाने कांग्रेस की मदद करने की चर्चा शुरू हो चुकी है।
कांग्रेस ने वैश्य बिरादरी के कद्दावर नेता हरेंद्र अग्रवाल को मैदान में उतारा है। हरेंद्र अग्रवाल प्रदेश के पूर्व सीएम बनारसी दास गुप्ता के बेटे हैं। उनकी वैश्य समाज में अच्छी पकड़ है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सीट पर गठबंधन और भाजपा में सीधा मुकाबला होगा। लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा वैश्य बिरादरी के अलावा भाजपा के अन्य परंपरागत वोटों में सेंधमारी का असर भाजपा पर पड़ सकता है। हालांकि भाजपा नेता इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि यह सीट इस बार भी भाजपा के खाते में जा रही है।