भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को अस्पताल से मिली छुट्टी, एम्स जाने से किया इंकार
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भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर को गुरुवार दोपहर मेरठ के आनंद हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के मैनेजर के अनुसार वह अब स्वस्थ हैं और घर के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं पुलिस ने चंद्रशेखर सहित आठ लोगों को नामजद करते हुए करीब 200 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
आनंद अस्पताल के मैनेजर के मुताबिक उन्हें मंगलवार को दिल्ली एम्स के लिए रेफर किया गया था लेकिन उन्होंने वहां जाने से मना कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार को उनसे मेरठ में ही मुलाकात की थी। मैनेजर ने बताया कि चंद्रशेखर को अस्पताल से 4:10 पर छुट्टी दे दी गई।
गौरतलब है कि बिना अनुमति के रैली निकाल रहे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को मंगलवार दोपहर देवबंद के ग्राम कासिमपुरा में पुलिस ने रोक लिया था। पुलिस ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर समेत कई पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया। जिस पर कार्यकर्ता भड़क गए।
कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया और जमकर हंगामा किया। पुलिस से नोकझोंक भी हुई। जिसके बाद चंद्रशेखर की तबीयत खराब हो गई। पुलिस ने चंद्रशेखर को अन्य पदाधिकारियों के साथ मेरठ के आनंद अस्पताल में भेज दिया गया था।
बिना अनुमति रैली निकालने, हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी करने तथा पुलिस के साथ धक्कामुक्की किए जाने के आरोप में पुलिस ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर, जिलाध्यक्ष व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष समेत 28 लोगों को नामजद किया है, जबकि 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी व जामिया मिल्लिया दिल्ली के छात्र नेता का भी नाम शामिल है।
पुलिस ने इस मामले में भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद, जिलाध्यक्ष कमल वालिया, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीपक बौद्ध समेत जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की छात्रा सचेता, डा. मसूद, जामिया मिल्लिया दिल्ली के छात्र नेता मो. फरहान समेत प्रवीण, नीटू, मेहरदास, शिवकुमार, रविकांत, अशोक कुमार, अंकित कुमार, राहुल, दीपक, सर्वेश, रणजीत, संजीव कुमार, सोनू सिंह, विशाल, मोहित, अंगूरी, बीरमती, भूरिया, संतोष, विमला, जितेंद्र और अजय समेत 28 लोगों के विरुद्ध धारा 144 का उल्लंघन करने, नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगाने और पुलिस के साथ धक्कामुक्की करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने के आरोप में मामला पंजीकृत किया है।
इसमें करीब 150 अज्ञात लोगों को भी शामिल किया है। सीओ अजय शर्मा का कहना है कि वीडियो फुटेज से हंगामा करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो कोई आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करेगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।