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कोरोना से जंग: कर्मयोद्धा समर्पित भाव से कर रहे सेवा, भोजन के लिए लगती है लंबी कतार

Fri, 17 Apr 2020 05:40 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 17 Apr 2020 05:40 PM IST
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Lockdown in Uttar Pradesh, Poor laborers are eat food at the Major Center of Radha Swami Satsang Vyas in Sahanarpur
खाना पकाती महिलाएं और साइड में लगी लंबी लाइन - फोटो : अमर उजाला

कोरोना संक्रमण के मामले में संवेदनशील होते जा रहे सहारनपुर जिले में सरसावा ब्लॉक के दुमझेड़ा सहित अन्य क्षेत्र हॉटस्पॉट घोषित किए जा चुके हैं। इसी ब्लॉक में सहारनपुर अंबाला हाईवे पर राधा स्वामी सत्संग व्यास के मेजर सेंटर को शेल्टर होम क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। लॉकडाउन के बाद हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर सहित अन्य राज्यों से आकर जिले में फंसे प्रवासी मजदूरों को यहां सेवाएं दी जा रही हैं। सेंटर पर 60 से अधिक सेवादार कर्मयोद्धा के रूप में दिन रात सेवा में जुटे हैं। पीएसी के जवान सुरक्षा में तैनात हैं। अमर उजाला की टीम ने यहां के हालात जानने की कोशिश की तो मजदूरों के लिए पूरी तरह समर्पित सेवा देखने को मिली।

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रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग
जिला प्रशासन के निर्देश पर 1500 बीघे से अधिक क्षेत्र में बने सेंटर में कई राज्यों से यहां आकर फंसे 900 से अधिक मजदूरों को आश्रय दिया गया है। यहां सोशल डिस्टेसिंग के साथ आश्रय देते हुए रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
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फिटनेस मंत्र दे रहे कोच
क्वारंटीन में शामिल लोगों को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी प्रेम कुमार के निर्देशन में कोच अनुज कुमार, लाल धर्मेंद्र कुमार प्रताप, रामशरण सहित अन्य ने प्रशिक्षकों ने शारीरिक व्यायाम कराए। इसके साथ ही फिटनेस के लिए अन्य मंत्र भी दिए।
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भोजन के लिए लगती है मजदूरों की कतार
सैनिटाइज और पूरी क्लीनिंग के बाद ही खानपान के लिए मजदूरों की कतारें लगवाई जाती हैं। सोशल डिस्टेंसिंग में कतार वार खाना उपलब्ध कराया जाता है। दिन में तीन बार खाना और एक बार चाय की व्यवस्था कराई जा रही है। मास्क सहित अन्य सावधानियों के साथ सेवादार भोजन वितरण करते हैं।

खतरा तो है, मगर ऐसी सेवा का मौका कभी नहीं मिला
कुछ सेवादारों ने बताया कि कोरोना को लेकर खतरा तो है मगर सभी एहतियात बरतते हुए सेवा दे रहे हैं। उन्हें ऐसी मानव सेवा का मौका कभी नहीं मिला। वे ये ही दुआ कर रहे हैं कि लॉकडाउन खत्म हो और ये सभी प्रवासी मजदूर सुरक्षित अपने घरों को लौट जाएं।

मजदूर बोले, यहां आश्रय न मिलता तो भूख से ही मर जाते
जम्मू कश्मीर के संजीव, पंजाब से आए अयोध्या निवासी सुरेश कुमार, हरियाणा से आए फैजाबाद के कृष्णचंद सहित अन्य मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन में रोजगार छिनने के बाद घर के लिए बीवी बच्चों के साथ चले थे। मगर रास्ते में यहां फंस गए। यहां आश्रय न मिलता तो कोराना से पहले भूख से ही मर जाते। अब तो यही दुआ कर रहे हैं कि हालात जल्द सुधरें और वे घर लौट जाएं।

56 चूल्हों पर रोजाना तैयार किए जा रहे 15000 फूड पैकेट
सेंटर के सेवादार अनिल सड़ाना, विपिन कुमार सहित ने बताया कि यहां इन मजदूरों के भोजन के साथ ही 56 चूल्हों पर रोजाना 15000 फूड पैकेट पूरे शहर के जरूरतमंदों के लिए तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें नगर निगम की टीम के माध्यम से शहर में वितरण के लिए भेजा जाता है।

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