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लॉकडाउन में चल रहा था धोखाधड़ी का खेल, 500 रुपये में बना रहे थे फर्जी पास, पुलिस ने किया भंडाफोड़
Sun, 12 Apr 2020 12:18 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Sun, 12 Apr 2020 12:18 AM IST
सार
- 500 रुपये में बनाए जा रहे थे लॉकडाउन के पास
- ड्रग्स इंस्पेक्टर ने मारा छापा, जन सुविधा केंद्र के कर्मचारी सहित दो को पकड़ा
- ड्रग्स इंस्पेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर से बनाए जा रहे थे पास, दस फर्जी पास बरामद
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बागपत पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बागपत जनपद में ड्रग्स इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने शनिवार को छापा मारकर एक जन सुविधा केंद्र पर लॉकडाउन के लिए फर्जी पास जारी करने का खेल पकड़ लिया। दस फर्जी कार्ड बरामद हुए है। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने मौके पर मौजूद जन सुविधा केन्द्र के कर्मचारी और एक मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले युवक को पकड़ कर पुलिस को सौंपा है। साथ ही उनके खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
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ड्रग्स इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि सूचना मिली थी कि उनके हस्ताक्षर और मुहर को स्कैन कर कंप्यूटर से लॉकडाउन के लिए फर्जी पास बनाए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने चेकिंग करते हुए मोहम्मद अलाम पुत्र रुकमद्दीन निवासी बड़का रोड को फर्जी पास के साथ पकड़ लिया। उसने बताया कि वह दीया मेडिकल एजेंसी पर नौकरी करता है और एक जन सुविधा केन्द्र पर यह फर्जी पास बनवाया था। इसके एवज में 500 रुपये लिए गए थे। इसके बाद ड्रग्स इंस्पेक्टर ने पुलिस के साथ जन सुविधा केन्द्र पर छापा मारा और कर्मचारी सतेंद्र को हिरासत में लिया। मौके से दस फर्जी पास बरामद हुए, जिन पर पर फोटो व मोहर अंकित नहीं थी। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने दोनों के खिलाफ कोतवाली पर तहरीर दी है।
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कोतवाली प्रभारी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने बरामद पास को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है। यह पता चला है कि जन सुविधा केन्द्रों पर असली पास से ड्रग्स इंस्पेक्टर के हस्ताक्षर और मुहर को स्कैन कर फर्जी पास पर अंकित कर रहे थे।
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