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लॉकडाउन का नहीं दिखा असर, फैक्टरियां बंद होने के बावजूद प्रदूषण से मुक्त नहीं हुई ये काली नदी

Sat, 18 Apr 2020 10:36 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 18 Apr 2020 10:36 PM IST
सार

  • लॉकडाउन भी नहीं सुधार सका काली नदी की दशा 
  • शहर का गंदा पानी सीधे गिराया जा रहा नदी में, एसटीपी पड़े बंद  
  • फैक्टरियां बंद होने के बावजूद प्रदूषण से मुक्त नहीं हुई काली नदी 

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Lockdown in Uttar Pradesh, Kali river is not free from pollution due the lockdown in Muzaffarnagar
प्रदूषण से मुक्त नहीं हुई काली नदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लॉकडाउन के दौरान देश की नदियां साफ-सुथरी हो गईं, लेकिन मुजफ्फरनगर से होकर बहने वाली काली नदी पर कोई फर्क नहीं पड़ा। शहर में आते ही नदी प्रदूषित हो रही है। एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बंद पड़े हैं और नगर का गंदा पानी सीधे नदी में जा रहा है। 

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मुजफ्फरनगर जिले के लिए काली नदी का बड़ा महत्व है। उत्तराखंड की ओर से यह नदी जिले की सीमा में गांव रई के पास से प्रवेश करती है और सिसौना, मलीरा, रामपुर, बामनहेड़ी, शेरपुर, मिमलाना, मुजफ्फरनगर शहर, वहलना, बेगराजपुर, हुसैनपुर बोपड़ा, हबीबपुर और नावला के नजदीक से होकर मेरठ जिले की सीमा में प्रवेश करती है। नदी के दो रूप दिखाई देते हैं। शहर के मिमलाना और न्याजूपुरा से ऊपर नदी का कुछ हिस्सा है। चरथावल रोड के पास खेतों में काम कर रहे ईदगाह रोड निवासी सलमान ने बताया कि वहां पानी थोड़ा साफ है लेकिन न्याजूपुरा और रामलीला टिल्ला के पास काली नदी में शहर के गंदे नाले गिरने शुरू हो जाते हैं। आठ नालों के जरिये शहर का 100 एमएलडी से भी ज्यादा गंदा पानी नदी में जा रहा है। किनारे पर बने एसटीपी बंद पड़े हैं। यहां पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। इसलिए एसटीपी का संचालन नहीं हो रहा। 
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जलकुंभी से अटी नदी 
शहर से ऊपर की ओर काली नदी का पानी पहले साफ रहता था लेकिन अब नदी में जलकुंभी फैली हुई है। खेतों में काम रहे विजय कुमार और सागर आदि ने बताया कि जलकुंभी और कबाड़ के कारण नदी का बहाव रुका हुआ है। गंदगी जमा हो रही है। कुछ लोग यहां पर पशुओं का कटान कर अवशेष नदी में बहा देते हैं जो जलकुंभी में छिप जाते हैं। 

इन्होंने कहा...
लॉकडाउन में एसटीपी कर्मचारियों के काम पर आने पर कोई रोक नहीं है। यह जरूरी कार्य होता है। वह इस संबंध में प्लांट का संचालन कर रहे कंपनी के अधिकारियों से बात करेंगे। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर।

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