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नगर पंचायत ने बंद कर दिया गोआश्रय

Tue, 01 Oct 2019 02:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2019 02:06 AM IST
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local body closed the cowshed
खाली पड़ा नगर पंचायत खरखौदा द्वारा बनाया गोआश्रय स्थल। - फोटो : KITHOR
खरखौदा। आवारा पशुओं के लिए नगर पंचायत स्तर पर गोआश्रय स्थल बनाने के प्रदेश सरकर के आदेश पर खरखौदा नगर पंचायत में भी अस्थायी गोआश्रय खोला गया था। यहां क्षेत्र से आए करीब 110 गोवंश को रखा गया था। गोआश्रय स्थल में जलभराव का बहाना बनाकर नगर पंचायत ने इन सभी पशुओं को दूसरी नगर पंचायत के गोआश्रय में भेज दिया। अब कस्बा समेत आसपास के आवारा पशु खुलेआम सड़कों एवं खेतों को रौंद रहे हैं।
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पहले किसान अपने बेकार गोवंश को व्यापारी को बेच देता था। प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही गोवंश कटान पर लगाम लग गई। अब किसानों के लिए बेकार गोवंश को पालना समस्या बन गई है। उसे चारे की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इसलिए किसान पशुओं को खुला छोड़ रहे हैं। जिससे कुछ ही दिनों में सैकड़ों आवारा गोवंश खेतों में घूमने लगे हैं। वे किसानों की फसलों को बर्बाद करने लगे हैं। किसानों की मांग पर प्रदेश सरकार ने नगर निकाय, नगर पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर तुरंत अस्थायी गोआश्रय स्थल खोलने का आदेश दिया। जिसमें खरखौदा में भी नगर पंचायत की ओर से बंद पड़ी फैक्टरी में गोआश्रय स्थल खोला गया। जिसमें कस्बा एवं आसपास के क्षेत्र से करीब 110 पशुओं को वहां रखा गया था। पशुओं के रखरखाव एवं चारे को लेकर नगर पंचायत पर कई बार आरोप लगे। वहीं, नगर पंचायत में स्थायी गोशाला के लिए एसडीएम ने जमीन भी चिह्नित कर दी थी। वहीं, गोआश्रय स्थल में नगर पंचायत स्तर से पंखे समेत पानी एवं टिन शेड की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद गोआश्रय स्थल में बीमारी एवं लापरवाही के चलते कई पशुओं की मौत हो गई थी। गोआश्रय स्थल कच्चा होने के कारण बरसात में कई बार जलभराव हो गया था। नगर पंचायत स्तर से जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई। जिसमें बाद में गोआश्रय स्थल के सभी पशुओं को अलग-अलग गोआश्रय स्थलों में भेज दिया गया। अब आवारा पशु कस्बे में खुलेआम घूम रहे हैं। ये हादसों का सबब बन रहे हैं। वहीं, स्थायी गोशाला के लिए अभी शासन से बजट नहीं मिल पाया है।
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अस्थायी गोआश्रय स्थल के लिए जो रकम खर्च की गई वह भी नहीं मिल पाई है। पशुओं के रखरखाव का पूरा खर्च नहीं मिला है। वहीं, फैक्टरी स्वामी ने भी गोआश्रय स्थल को खाली कराने की मांग की थी। इन सभी परेशानियों के चलते सभी पशुओं को दूसरे गोआश्रय स्थलों में भेजा गया है। -शशिप्रभा चौधरी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत खरखौदा
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