दंपती की हत्या का खुलासा: मेरठ कॉलेज का LLB का छात्र निकला मास्टरमाइंड, लूट की रकम से करना चाहता था ये काम
मेरठ के ब्रह्मपुरी थानाक्षेत्र में हुई कारोबारी और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्ता कर लिया है। मेरठ कॉलेज का एलएलबी का छात्र वारदात का मास्टरमाइंड निकला। उसने अपने साथी के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया।
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किशनपुरी में स्पोर्ट्स कारोबारी धनकुमार जैन और उनकी पत्नी अंजू हत्याकांड के मामले का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। हत्याकांड को मेरठ कॉलेज के एलएलबी के छात्र प्रेमपुरी निवासी प्रियांक शर्मा उर्फ पारूष ने अपने साथी यश शर्मा उर्फ यशु के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
आरोपी प्रियांक को कारोबार करने के लिए करीब 15-20 लाख रुपये की जरूरत थी, जिस वजह से यह वारदात की गई। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया है। मुख्य आरोपी प्रियांक के मकान से लूटे गए जेवरात और नकदी भी बरामद कर ली गई है।
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इस तरह घटना को दिया गया अंजाम
एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रियांक की मां कुछ साल पहले तक किशनपुरी में ही कास्मेटिक की दुकान करती थी। इस कारण प्रियांक को उस एरिया की पूरी जानकारी थी। प्रियांक अक्सर सर्दियों में धूप सेकने के बहाने से कारोबारी के मकान के आसपास घूमता रहता था। उसे पता था कि अंजू जैन सुबह मंदिर चली जाती है और उनका बड़ा बेटा नवीन अपनी पत्नी के साथ घूमने चला जाता है। बच्चे स्कूल में चले जाते है और दूधिया भी किचन में दूध रखकर आ जाता है।
7:30 बजे से सवा आठ बजे तक मकान का दरवाजा खुला रहता है। वारदात के समय जब आरोपी कारोबारी के कमरे में घुसे, तब कारोबारी की पत्नी अंजू मंदिर जाने के लिए सिर में कंघी कर रही थी। एक आरोपी ने उसे डराने की नीयत से पिस्टल निकाली। अंजू ने इसका विरोध किया, तभी एक गोली वहां पर सो रहे कारोबारी धनकुमार जैन को लग गई थी। इसके बाद बदमाशों ने अंजू के हाथ में भी गोली मारी, जो हाथ में लगकर पेट को छूती हुई निकल गई। तब बदमाशों ने आराम से लूटपाट की और वहां से फरार हो गए।
2020 से कर रहा था लूट की प्लानिंग
आरोपी तीन साल से लूट की प्लानिंग कर रहा था। दिसंबर 2022 से जनवरी और फरवरी माह में भी मकान की रेकी की गई। मकान के सामने एक दुकान पर बैठकर कई सप्ताह तक निगरानी की गई कि घर में कौन व्यक्ति किस समय कहां जा रहा है। उसने अपने एक दोस्त को इसके लिए तैयार किया, जिसके पास हथियार भी थे, लेकिन इसी बीच सड़क हादसे में दोस्त की मौत हो गई।
उसके हथियार प्रियांक के पास रखे हुए थे। तब प्रियांक ने इंवर्टर की दुकान पर काम करने वाले आरोपी यश शर्मा को इसके लिए तैयार किया। जिसे लालच दिया कि लूट में जो भी माल बरामद होगा उसे आधा-आधा बांट लेंगे।
आरोपियों ने यह भी देखा कि वारदात के बाद किस एरिया से भागना है। पहले वह किशनपुरी की गलियों से निकले। इसके बाद कैंट एरिया में पहुंच गए। क्योंकि कैंट एरिया में सीसीटीवी कैमरों की संख्या कम है। उन्होंने बाइक पर भी फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी।
यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपी प्रियांक के मकान से एक पिस्टल, कारतूस, चाकू, बाइक, 22200 रुपये और लूटे गए जेवरात में 11 दीपक, 3 मंदिर चांदी के, 1 चांदी का मंदिर पीला कलर, 92 नारियल चांदी, 1 कलश छोटा, 2 चांदी की कटोरी, 14 कंगन पीली धातु, 12 सोने के नेकलेश, 3 पेन्डेन्ट, 1 बेस लेट कुन्दन, 25 अंगूठी गोल्ड व डायमण्ड, 1 मंगलसूत्र, 1 डायमण्ड नेकलेश, 5 कान चैन, 1 गोल्ड चैन प्लेन, 49 नग ईयर रिंग पीली धातु, 16 जोडी पायल, 1 चांदी की चैन, 32 ईयर रिंग आदि बरामद हुए।