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एक बार कोड पर दो बार निकाली जाती थी शराब
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एक बार कोड पर दो बार निकाली जाती थी शराब
सहारनपुर। टपरी स्थित दि कोऑपरेटिव कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शराब फैक्टरी से टैक्स चोरी के लिए बार कोड का दुरुपयोग सामने आया था। जारी हुए एक बार कोड पर फैक्टरी से दो बार शराब निकाली जाती थी। एक अप्रैल 2020 से 28 फरवरी 2021 तक 11 महीने में ही 99 बार डबल ट्रिप शराब के वाहनों की लगाई गई। इस तरह करीब 35 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की पुष्टि हुई थी।
ये था मामला
गत तीन मार्च को एसटीएफ ने टपरी स्थित शराब फैक्टरी से टैक्स चोरी का खेल पकड़ा था। नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 18 लोगों के खिलाफ कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उसमें कंपनी मालिक प्रणय अनेजा सहित अन्य कंपनी अधिकारी और सहायक आबकारी आयुक्त (प्रवर्तन) जगरामपाल भी आरोपी है। उस दौरान करीब 100 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का अनुमान था। बाद में एसआईटी लखनऊ की विवेचना में 35 करोड़ रुपये टैक्स चोरी की पुष्टि हुई थी। जून माह में एसआईटी ने गिरफ्तार नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी न्यायालय में दाखिल कर दी, जबकि 13 आरोपियों के खिलाफ विवेचना चल रही है। इन 13 आरोपियों में प्रणय अनेजा भी शामिल है।
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सहारनपुर। टपरी स्थित दि कोऑपरेटिव कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शराब फैक्टरी से टैक्स चोरी के लिए बार कोड का दुरुपयोग सामने आया था। जारी हुए एक बार कोड पर फैक्टरी से दो बार शराब निकाली जाती थी। एक अप्रैल 2020 से 28 फरवरी 2021 तक 11 महीने में ही 99 बार डबल ट्रिप शराब के वाहनों की लगाई गई। इस तरह करीब 35 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की पुष्टि हुई थी।
ये था मामला
गत तीन मार्च को एसटीएफ ने टपरी स्थित शराब फैक्टरी से टैक्स चोरी का खेल पकड़ा था। नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 18 लोगों के खिलाफ कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उसमें कंपनी मालिक प्रणय अनेजा सहित अन्य कंपनी अधिकारी और सहायक आबकारी आयुक्त (प्रवर्तन) जगरामपाल भी आरोपी है। उस दौरान करीब 100 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का अनुमान था। बाद में एसआईटी लखनऊ की विवेचना में 35 करोड़ रुपये टैक्स चोरी की पुष्टि हुई थी। जून माह में एसआईटी ने गिरफ्तार नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी न्यायालय में दाखिल कर दी, जबकि 13 आरोपियों के खिलाफ विवेचना चल रही है। इन 13 आरोपियों में प्रणय अनेजा भी शामिल है।
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