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खतरे में जान... टूटी पुलिया से राहगीर परेशान
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हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव बड़ी चामरोध में गांव के पास सोती नदी की टूटी पुलिया लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। लोग जान जोखिम में डालकर यहां से निकलने को विवश हैं। उन्होंने पुलिया को दुरुस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि टूटी पुलिया से उनकी जान खतरे में है।
क्षेत्र के गांव बड़ी चामरोध में आवागमन के लिए दो मार्ग हैं। पहले मार्ग तारापुर हस्तिनापुर के मुख्य मार्ग से फतेहपुर प्रेम वाले संपर्क मार्ग से गांव में जाता है। वही दूसरा मार्ग छोटी चामरोध से जाता है। इसी संपर्क मार्ग पर सोती नदी की पुलिया है। जो इस समय जर्जर होकर पूरी तरह टूट गई है। जगह-जगह दरार आ गई है। यह कभी भी ध्वस्त होकर नदी में गिर सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि जब मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंच जाता है, तो यह गांव से बाहर निकलने के लिए उनके पास एक विकल्प है। इसी रास्ते से अपने खेतों पर जाते हैं और खेतों से गन्ना और फसल भी वह अपने घरों में लाते हैं।
इस मामले में स्थानीय ग्रामीणों सुखबीर सिंह, करणपाल सिंह, पूर्व प्रधान बृजपाल, गुलाब सिंह, सतीश आदि ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सोती नदी की यह पुलिया पूरी तरह जर्जर हो गई है। जिस पर गुजरा अब किसी बड़े खतरे से काम नहीं है। पिछले लंबे समय से स्थानीय जनपद की नदियों से इसे बनवाने की मांग कर रहे हैं परंतु अभी तक नहीं बनाई गई बाढ़ आने पर भी गांव के सभी लोग इसी रास्ते से बाहर निकल जाते हैं।
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इस रास्ते पर पानी नहीं पहुंचता उसके बावजूद भी यहां पर पुलिया का निर्माण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही सिंचाई विभाग के अधिकारी पुलिया का निर्माण नहीं करते तो वह इस मामले में जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत करेंगे क्योंकि यह उनके खेतों पर जाने का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से गुजरने में अब उन्हें जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। पुलिया में बड़े-बड़े गड्ढे और दरार आ गई है।
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क्षेत्र के गांव बड़ी चामरोध में आवागमन के लिए दो मार्ग हैं। पहले मार्ग तारापुर हस्तिनापुर के मुख्य मार्ग से फतेहपुर प्रेम वाले संपर्क मार्ग से गांव में जाता है। वही दूसरा मार्ग छोटी चामरोध से जाता है। इसी संपर्क मार्ग पर सोती नदी की पुलिया है। जो इस समय जर्जर होकर पूरी तरह टूट गई है। जगह-जगह दरार आ गई है। यह कभी भी ध्वस्त होकर नदी में गिर सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि जब मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंच जाता है, तो यह गांव से बाहर निकलने के लिए उनके पास एक विकल्प है। इसी रास्ते से अपने खेतों पर जाते हैं और खेतों से गन्ना और फसल भी वह अपने घरों में लाते हैं।
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इस मामले में स्थानीय ग्रामीणों सुखबीर सिंह, करणपाल सिंह, पूर्व प्रधान बृजपाल, गुलाब सिंह, सतीश आदि ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सोती नदी की यह पुलिया पूरी तरह जर्जर हो गई है। जिस पर गुजरा अब किसी बड़े खतरे से काम नहीं है। पिछले लंबे समय से स्थानीय जनपद की नदियों से इसे बनवाने की मांग कर रहे हैं परंतु अभी तक नहीं बनाई गई बाढ़ आने पर भी गांव के सभी लोग इसी रास्ते से बाहर निकल जाते हैं।
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इस रास्ते पर पानी नहीं पहुंचता उसके बावजूद भी यहां पर पुलिया का निर्माण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द ही सिंचाई विभाग के अधिकारी पुलिया का निर्माण नहीं करते तो वह इस मामले में जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत करेंगे क्योंकि यह उनके खेतों पर जाने का मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से गुजरने में अब उन्हें जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। पुलिया में बड़े-बड़े गड्ढे और दरार आ गई है।