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Meerut News: किशोर की हत्या के दोषी सौतेले भाई समेत दो को आजीवन कारावास

Sat, 18 Jan 2025 01:37 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2025 01:37 AM IST
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Life imprisonment to two including step brother found guilty of murdering a teenager
50 लाख के प्लॉट और पारिवारिक विवाद में अपहरण के बाद की थी अरमान की हत्या
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साढ़े चार साल पुराने मामले में कोर्ट ने दोनों दोषियों पर लगाया 10-10 हजार का अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के 14 वर्षीय अरमान सैफी की अपहरण के बाद हत्या में कोर्ट ने सौतेले भाई समीर उर्फ सोनू व उसके साथी शाहरूख अलवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फतेउल्लापुर क्षेत्र के किशोर के साथ साढ़े चार वर्ष पूर्व हुई वारदात में दोनों दोषियों पर 10-10 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। परिजनाें का आरोप है कि 50 लाख के प्लॉट और पारिवारिक विवाद में अरमान सैफी की हत्या की गई थी।
परिजनों के मुताबिक 21 जुलाई की सुबह अरमान फतेउल्लापुर के आंबेडकर चौक निवासी शाहरूख अलवी के साथ सुबह 8 बजे गया था। वापस लौटकर बताया था कि शाहरूख के साथ उसके दोस्त के गगोल स्थित फार्म हाउस गया था। शाहरूख ने उसे बताया था कि उसके पास बहुत सारे मेमोरी कार्ड हैं। उसने एक कार्ड रीडर भी अरमान को दिया था। 23 जुलाई 2020 की सुबह 11 बजे शाहरूख अलवी मोहल्ले में ही नाई की दुकान पर उसे मिला और अपने साथ गगोल चलने के लिए कहा।
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अरमान बहन फिजा और रिया से कहकर गया था कि शाहरूख के साथ मोबाइल का मेमोरी कार्ड लेने जा रहा है। एक घंटे में वापस आ जाएगा। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। संभावित स्थानों और रिश्तेदारियों में तलाश करने के बाद भी उसका अरमान का कुछ पता नहीं चला। मां नफीसा ने थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 25 जुलाई को अरमान का शव बिजली बंबा बाईपास पर जुर्रानपुर गेट के सामने नरहाड़ा जाने वाले रास्ते पर एक खेत से बरामद हुआ था। चाकू से गोदकर उसकी हत्या की गई थी।
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मामले की जांच में जुटी पुलिस ने शाहरूख को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अरमान के सौतेले भाई समीर उर्फ सोनू के साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने समीर को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किया गया चाकू भी बरामद कर लिया था। मुकदमे में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराएं भी बढ़ाई गई।
मुकदमे की जांच कर रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। साढ़े चार साल चली सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने समीर और शाहरूख को हत्या का दोषी माना। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश-12 ने दोनों को सजा सुनाई।

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अरमान की मां से थी नफरत, हड़पना था प्लॉट
अरमान के नाम उसके पिता मोबीन ने 50 लाख कीमत का 200 गज का प्लॉट किया था। वसीयत के मुताबिक यह प्लॉट अरमान को बालिग होने पर मिलना था। मोबीन की मौत के बाद नफीसा ने पांच बच्चों के पिता नौशाद से शादी कर ली थी। नौशाद और उसकी पहली पत्नी की पांच संतानों में से एक समीर है। हत्या के मामले में पुलिस ने अरमान के सौतेले पिता नौशाद को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पुलिस के मुताबिक समीर उर्फ सोनू ने पूछताछ में खुलासा किया था कि उसे अरमान की मां नफीसा से नफरत थी। इसका बदला लेने के लिए उसने अरमान की हत्या कर दी। साथ ही उसकी नीयत 50 लाख का प्लॉट हड़पने की भी थी।
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