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Meerut News: पत्रकार के 29 साल पुराने हत्याकांड में महिला समेत दो दोषियों को उम्रकैद
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मेरठ। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 29 साल पहले पत्रकार मनोज पाठक के हत्याकांड में अदालत ने सुनील और कमला उर्फ कमलेश त्यागी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
नौ मई 1995 को रोहटा निवासी संत कुमार पाठक ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि वह अपने बेटे मनोज पाठक के सुभाष नगर स्थित आवास पर खाना खाकर जा रहे थे। तभी कमला और सुनील समेत अन्य लोगों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने कृपाल आदि की मुखालत और मुखबिरी का आरोप लगाते हुए दोनों के साथ मारपीट की। तभी गोली मारकर उनके बेटे मनोज पाठक की हत्या कर दी।
संत कुमार पाठक भी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। कमला को लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया था। जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए थे। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने कमला उर्फ कमलेश और सुनील को साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोषी माना। उस समय जागृति विहार में रहने वाला सुनील फिलहाल पल्लवपुरम में मकान नंबर एफबी-23 में रह रहा था। कमला सुभाष नगर की गली नंबर-6 की रहने वाली है।
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नौ मई 1995 को रोहटा निवासी संत कुमार पाठक ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि वह अपने बेटे मनोज पाठक के सुभाष नगर स्थित आवास पर खाना खाकर जा रहे थे। तभी कमला और सुनील समेत अन्य लोगों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने कृपाल आदि की मुखालत और मुखबिरी का आरोप लगाते हुए दोनों के साथ मारपीट की। तभी गोली मारकर उनके बेटे मनोज पाठक की हत्या कर दी।
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संत कुमार पाठक भी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। कमला को लोगों ने मौके पर ही पकड़ लिया था। जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए थे। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने कमला उर्फ कमलेश और सुनील को साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोषी माना। उस समय जागृति विहार में रहने वाला सुनील फिलहाल पल्लवपुरम में मकान नंबर एफबी-23 में रह रहा था। कमला सुभाष नगर की गली नंबर-6 की रहने वाली है।
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