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Meerut News: चालीसा काल में आत्मचिंतन, क्षमा और आध्यात्मिक नवजीवन का संदेश
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सरधना। पुण्य सप्ताह के तहत रविवार को खजूर रविवार पर ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में प्रार्थना कर
- पापों से मुक्ति और आत्मशुद्धि का संदेश, श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर की प्रार्थना
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। पुण्य सप्ताह के तहत रविवार को खजूर रविवार (पाम संडे) पर क्षेत्र के ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छावनी से खजूरों की आशीष के साथ जुलूस निकाला गया। इसके बाद बिशप भास्कर जेसुराज ने मिस्सा बलिदान अर्पित किया।
प्रभु यीशु मसीह के पुनरोत्थान पर्व ईस्टर से पूर्व मनाए जाने वाले 40 दिवसीय चालीसा काल के अंतर्गत श्रद्धालु उपवास और प्रार्थना कर रहे हैं। 14 फरवरी से शुरू हुए इस काल के पांचवें रविवार को श्रद्धालुओं ने चर्च में विशेष प्रार्थना सभाओं में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के दुखों का स्मरण करते हुए उपवास रखा। चर्च में प्रभु के दुखभोग को दर्शाती विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। पवित्र क्रूस की उपासना के साथ परम प्रसाद का वितरण भी किया गया।
मेरठ धर्म प्रांत के धर्माध्यक्ष भास्कर जेसुराज ने कहा कि चालीसा काल आत्मचिंतन, प्रायश्चित और ईश्वर के समीप आने का समय है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वह सच्चे मन से अपने पापों के लिए क्षमा मांगें और जिन्होंने उन्हें कष्ट पहुंचाया है उन्हें भी क्षमा करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पतझड़ के बाद वृक्षों में नए पत्ते आते हैं उसी तरह मनुष्य को भी अपने पुराने पापमय जीवन को त्यागकर नया जीवन अपनाना चाहिए।
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फादर मार्टिन रावत ने बताया कि शुक्रवार को गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाएंगी। इस दौरान फादर वलेरियन पिंटो, फादर पीटर प्रकाश, फादर विजय, फादर मंगल व फादर रोपित आदि शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। पुण्य सप्ताह के तहत रविवार को खजूर रविवार (पाम संडे) पर क्षेत्र के ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छावनी से खजूरों की आशीष के साथ जुलूस निकाला गया। इसके बाद बिशप भास्कर जेसुराज ने मिस्सा बलिदान अर्पित किया।
प्रभु यीशु मसीह के पुनरोत्थान पर्व ईस्टर से पूर्व मनाए जाने वाले 40 दिवसीय चालीसा काल के अंतर्गत श्रद्धालु उपवास और प्रार्थना कर रहे हैं। 14 फरवरी से शुरू हुए इस काल के पांचवें रविवार को श्रद्धालुओं ने चर्च में विशेष प्रार्थना सभाओं में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के दुखों का स्मरण करते हुए उपवास रखा। चर्च में प्रभु के दुखभोग को दर्शाती विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। पवित्र क्रूस की उपासना के साथ परम प्रसाद का वितरण भी किया गया।
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मेरठ धर्म प्रांत के धर्माध्यक्ष भास्कर जेसुराज ने कहा कि चालीसा काल आत्मचिंतन, प्रायश्चित और ईश्वर के समीप आने का समय है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वह सच्चे मन से अपने पापों के लिए क्षमा मांगें और जिन्होंने उन्हें कष्ट पहुंचाया है उन्हें भी क्षमा करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पतझड़ के बाद वृक्षों में नए पत्ते आते हैं उसी तरह मनुष्य को भी अपने पुराने पापमय जीवन को त्यागकर नया जीवन अपनाना चाहिए।
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फादर मार्टिन रावत ने बताया कि शुक्रवार को गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाएंगी। इस दौरान फादर वलेरियन पिंटो, फादर पीटर प्रकाश, फादर विजय, फादर मंगल व फादर रोपित आदि शामिल रहे।

सरधना। पुण्य सप्ताह के तहत रविवार को खजूर रविवार पर ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में प्रार्थना कर