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Meerut News: फ्रंट कार्यालय के विरोध में अधिवक्ताओं ने किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार
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- मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। उपनिबंधक कार्यालय के स्थान पर फ्रंट कार्यालय खोले जाने के शासन के प्रस्तावित आदेश के विरोध में बुधवार को मवाना सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार तोमर एडवोकेट और सचिव नटवर सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा उपनिबंधक कार्यालय के स्थान पर फ्रंट कार्यालय खोले जाने का निर्णय अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों के हितों के विपरीत है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से अधिवक्ताओं एवं बैनामा लेखकों के जीविकोपार्जन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
ज्ञापन में कहा कि नई व्यवस्था से आम जनता को भी अतिरिक्त आर्थिक भार वहन करना पड़ सकता है, जिससे जनहित प्रभावित होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक शासन उक्त आदेश को वापस नहीं लेता, तब तक तहसील मवाना के समस्त अधिवक्ता एवं बैनामा लेखक लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से इसका विरोध जारी रखेंगे।
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अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बुधवार को विरोध स्वरूप अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे, जिससे तहसील परिसर में कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित रहा।
मुख्यमंत्री से जनहित और अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उपनिबंधक कार्यालय के स्थान पर फ्रंट कार्यालय खोले जाने संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। उपनिबंधक कार्यालय के स्थान पर फ्रंट कार्यालय खोले जाने के शासन के प्रस्तावित आदेश के विरोध में बुधवार को मवाना सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार तोमर एडवोकेट और सचिव नटवर सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा उपनिबंधक कार्यालय के स्थान पर फ्रंट कार्यालय खोले जाने का निर्णय अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों के हितों के विपरीत है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से अधिवक्ताओं एवं बैनामा लेखकों के जीविकोपार्जन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
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ज्ञापन में कहा कि नई व्यवस्था से आम जनता को भी अतिरिक्त आर्थिक भार वहन करना पड़ सकता है, जिससे जनहित प्रभावित होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक शासन उक्त आदेश को वापस नहीं लेता, तब तक तहसील मवाना के समस्त अधिवक्ता एवं बैनामा लेखक लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से इसका विरोध जारी रखेंगे।
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अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बुधवार को विरोध स्वरूप अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे, जिससे तहसील परिसर में कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित रहा।
मुख्यमंत्री से जनहित और अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उपनिबंधक कार्यालय के स्थान पर फ्रंट कार्यालय खोले जाने संबंधी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई।