फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Law admission in Meerut College with the mark sheet of closed university

कानून की डिग्री दिलाने को फर्जीवाड़ा, बंद विवि की मार्कशीट से मेरठ कॉलेज में कराए दाखिले 

Fri, 27 Dec 2019 05:49 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 27 Dec 2019 05:49 PM IST
विज्ञापन
Law admission in Meerut College with the mark sheet of closed university
प्रतीकात्मक तस्वीर
जो विश्वविद्यालय बंद हो चुके हैं। जिनका अब कोई अस्तित्व नहीं रहा, उनकी फर्जी मार्कशीट बनवाकर दलालों ने छात्रों को मेरठ कॉलेज में दाखिले दिलवा दिए। कानून की पढ़ाई में हुए इस फर्जीवाड़े का खुलासा कॉलेज द्वारा कराई गई जांच में हुआ है।
विज्ञापन


कई विश्वविद्यालयों ने एलएलबी प्रथम वर्ष के प्रवेश में लगाई गई मार्कशीटों का उनके यहां कोई रिकॉर्ड नहीं होने की रिपोर्ट भेज दी है। ऐसे में पिछले साल की तरह मेरठ कॉलेज में दलाल इस बार भी दाखिला कराकर छात्र-छात्राओं को लूटने में कामयाब हो गए। 25 से 30 ऐसे फर्जी दाखिलों की रिपोर्ट कॉलेज ने विवि को भेजी है। अगर इस बार भी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई तो दलाल आगे भी सक्रिय रहकर छात्रों को लूटते रहेंगे। 
विज्ञापन

मेरठ कॉलेज में तीन साल से लगातार फर्जी मार्कशीट लगाकर दाखिले लेने के मामले सामने आ रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने पिछले साल 70 दाखिले रद्द भी किए, लेकिन दलालों का रैकेट खत्म नहीं हुआ। इस बार भी करीब 50 दाखिले संदेह के घेरे में आए हैं। इनमें अधिकतर में नॉर्थ ईस्ट के कई विवि की मार्कशीट लगाई गई थी।

कॉलेज प्रशासन ने इन विवि को मार्कशीट की जानकारी भेजकर वेरिफिकेशन कराया। विवि ने जो रिपोर्ट भेजी वह चौंकाने वाली है। इसमें कई विश्वविद्यालय तो अब बंद हो गए हैं। ऐसे में साफ है कि यह मार्कशीट फर्जी बनवाई गई। कई विवि ने रिपोर्ट भेजी है कि उनके यहां इन मार्कशीट का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है।

करीब 30 दाखिलाें के मामले में फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया है। ऐसे में विवि प्रशासन इन दाखिलों को रद्द कर सकता है। जबकि इन छात्र-छात्राओं के दो पेपर भी हो चुके हैं। बता दें कि एलएलबी में मेरठ कॉलेज में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मान्यता पत्र मिलने में देरी होने पर अक्तूबर में दाखिले हुए थे। यहां पर एलएलबी में 300 सीटें हैं। 

मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो आगे भी फर्जीवाड़ा करेंगे दलाल
मेरठ कॉलेज में सत्र-2017 में बीए, बीकॉम, बीएससी और एलएलबी में फर्जी मार्कशीट और प्रमाण पत्रों से 500 से ज्यादा दाखिले लेने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन इस मामले को दबा दिया गया था। पिछली बार भी कॉलेज प्रशासन को सूचना मिली कि दलालों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

ये दलाल पांच से 10 हजार रुपये लेकर कम नंबर वाले छात्रों को शिकार बनाकर उनके फर्जी मार्कशीट पर दाखिले कराते हैं। लेकिन इसके बाद भी थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। अगर मुकदमा दर्ज हो जाता है तो दाखिले लेने वाले छात्र दलालों का नाम बता देते, इससे कॉलेज में फैले इस रैकेट पर लगाम लगती। ऐसे में इस बार भी अगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो यह रैकेट चलता रहेगा।

दलालों ने कम नंबरों वाले छात्रों को एडमिशन दिलाने के लिए नए तरीके ढूंढ लिए हैं। दरअसल, वह दूसरे प्रदेशों के विवि की अधिक नंबर वाली फर्जी मार्कशीट लगाकर रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं। दूसरे विवि का ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं है, ऐसे में इनका वेरिफिकेशन भी दाखिले के समय नहीं हो पाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed