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Meerut News: मेरठ-बागपत सीमा पर जमीन की सेटेलाइट से की पैमाइश
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सररूरपुर। ब्लाॅक क्षेत्र के गांव पांचली बुजुर्ग में हिंडन नदी के सीमा विवाद को सुलझाने के लिए रिमोट सेंसिंग द्वारा पैमाइश कराई गई। सोमवार देर शाम तक रिसर्च टीम दोनों जनपदों की सीमा पर पैमाइश करती रही।
जनपद मेरठ के गांव पांचली बुजुर्ग और बागपत के गांव खपराना के किसानों के बीच काफी समय से भूमि की सीमा निर्धारण को लेकर विवाद चला आ रहा है। विवाद का कारण हिंडन नदी के बहाव के चलते भूमि का कटाव होने माना जा रहा है। दोनों जनपदों के किसान हिंडन के आसपास की जमीन पर अपना हक जता रहे हैं। दोनों जिलाें के किसानों ने भूमि पर कब्जे को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी।
वहीं, भूमि की पैमाइश को लेकर गांव पांचली बुजुर्ग निवासी उमर मोहम्मद और फजर मोहम्मद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जमीन पर कब्जा दिलाने के आदेश कराए थे। सोमवार को कंपनी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के रिसर्चर मोहसिन सिद्दीकी व प्रवीन कुमार ने पैमाइश की। इस दौरान मेरठ जिले से एडीएम प्रशासन बलराम सिंह, एसडीएम सरधना महेश प्रसाद दीक्षित, नायब तहसीलदार जतिन गोस्वामी और बागपत जिले से बड़ौत के एसडीएम मनीष यादव की देखरेख में पैमाइश कराई गई।
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बीते 30 नवंबर तक दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने पैमाइश कराई थी, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकलने पर सेटेलाइट द्वारा पैमाइश कराई गई। रिसर्च टीम ने गांव से लेकर हिंडन तक रिफ्रेश प्वाइंट तलाश किए। करीब 3:00 बजे के बाद टीम ने बागपत के गांव खपराना में पैमाइश की। देर शाम तक भी पैमाइश पूरी नहीं हो पाई थी। इस दौरान दोनों जिलों की राजस्व टीम व ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित का कहना है कि क्षेत्र बड़ा होने के कारण भूमि की पैमाइश में देरी हो रही है। पैमाइश के बाद निष्कर्ष निकलने की उम्मीद है।
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जनपद मेरठ के गांव पांचली बुजुर्ग और बागपत के गांव खपराना के किसानों के बीच काफी समय से भूमि की सीमा निर्धारण को लेकर विवाद चला आ रहा है। विवाद का कारण हिंडन नदी के बहाव के चलते भूमि का कटाव होने माना जा रहा है। दोनों जनपदों के किसान हिंडन के आसपास की जमीन पर अपना हक जता रहे हैं। दोनों जिलाें के किसानों ने भूमि पर कब्जे को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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वहीं, भूमि की पैमाइश को लेकर गांव पांचली बुजुर्ग निवासी उमर मोहम्मद और फजर मोहम्मद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जमीन पर कब्जा दिलाने के आदेश कराए थे। सोमवार को कंपनी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के रिसर्चर मोहसिन सिद्दीकी व प्रवीन कुमार ने पैमाइश की। इस दौरान मेरठ जिले से एडीएम प्रशासन बलराम सिंह, एसडीएम सरधना महेश प्रसाद दीक्षित, नायब तहसीलदार जतिन गोस्वामी और बागपत जिले से बड़ौत के एसडीएम मनीष यादव की देखरेख में पैमाइश कराई गई।
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बीते 30 नवंबर तक दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने पैमाइश कराई थी, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकलने पर सेटेलाइट द्वारा पैमाइश कराई गई। रिसर्च टीम ने गांव से लेकर हिंडन तक रिफ्रेश प्वाइंट तलाश किए। करीब 3:00 बजे के बाद टीम ने बागपत के गांव खपराना में पैमाइश की। देर शाम तक भी पैमाइश पूरी नहीं हो पाई थी। इस दौरान दोनों जिलों की राजस्व टीम व ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित का कहना है कि क्षेत्र बड़ा होने के कारण भूमि की पैमाइश में देरी हो रही है। पैमाइश के बाद निष्कर्ष निकलने की उम्मीद है।