मेरठ में खुलेआम नगर निगम की जमीन बेच रहे भूमाफिया, अफसर बने अनजान
खरीदार ने जमीन के बारे में निगम से पता कराया तो यह जमीन सरकार की निकली। शिकायत पर निगम अधिकारियों ने रजिस्ट्री विभाग में आपत्ति लगाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। आरोपियाें पर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की।
दामोदर कालोनी में खसरा नंबर 319 औरंगशाहपुर डिग्गी में कई हजार वर्ग मीटर भूमि है। यह राज्य सरकार के नाम दर्ज है। इस जमीन को कुछ लोग बेच रहे हैं। हाल ही में रामपुर डिग्री कॉलेज के प्रो. सुशील कुमार गुर्जर को 500 वर्ग मीटर जमीन 20 हजार वर्ग मीटर के हिसाब से बेच दी गई। बैनामा कराने से पहले प्रो. सुशील कुमार ने अपने रिश्तेदार सपा नेता पिंकल गुर्जर से इस जमीन की जानकारी मांगी।
पिंकल ने बुधवार को नगर निगम में संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार से भूमि के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि यह जमीन राज्य सरकार की है। उन्होंने भूमि के संबंध में अभिलेख भी दिखाए। पिंकल ने बताया कि विक्रेता ने 50 हजार रुपये एडवांस भी लिए हुए हैं।
बुधवार को साढ़े नौ लाख रुपये दिए जाने थे। संपत्ति अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने इस जमीन के क्रय विक्रय न किए जाने के लिए रजिस्ट्री विभाग में आपत्ति लगा रही है। पिछले माह नगरायुक्त ने रजिस्ट्ररी विभाग को भी इस संबंध में पत्र लिखा था।
नहीं की कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को सूचना तो दी, लेकिन सरकारी भूमि बेचने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की। इस संबंध में संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि भू अभिलेखों में जमीन राज्य सरकार के नाम दर्ज है। मामला हाईकोर्ट में भी चल रहा है।