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लंगड़ा गैंग के शातिर बदमाश 35 सेकेंड में चुरा लेते थे बाइक, ऐसे हुआ पर्दाफाश
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Mon, 26 Dec 2016 04:58 PM IST
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लंगड़ा गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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बाइक चुराने वाला अंतर्राज्यीय लंगड़ा गैंग का रविवार को सदर बाजार पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। 35 सेकेंड में यह गैंग बाइक चोरी कर लेता है। पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को पकड़कर चोरी की एक स्कूटी व 12 बाइक बरामद की है।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी व एएसपी कैंट सिद्धार्थ मीणा ने रविवार को सदर बाजार थाने में प्रेसवार्ता कर दो आरोपी शैलेंद्र उर्फ शीलू पुत्र हरवीर सिंह निवासी पसौली औरंगाबाद बुलंदशहर व संदीप पुत्र लवकेश शर्मा निवासी देहरा स्याना बुलंदशहर को मीडिया से रूबरू कराया। एसपी सिटी ने बताया कि सदर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भूसा मंडी के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी प्रशांत उर्फ छोटू पुत्र रामबीर मुखिया निवासी खाद मोहननगर स्याना बुलंदशहर फरार हो गया। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर कैंट स्थित एक बाग से चोरी की एक स्कूटी व 12 बाइक बरामद की हैं। आरोपियों का टारगेट बैंक, बाजार, होटल, मंदिर, ढाबे और अस्पताल में खड़ी बाइक होती थी। आरोपी अब तक 100 से अधिक बाइक चोरी करके बेच चुके हैं। मुख्य आरोपी शैलेंद्र उर्फ शीलू तीन बार वाहन के चोरी करने के मामले में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद फिर से बाइक चोरी करने लगता है। कई बार शैलेंद्र पुलिस टीम को चकमा देने में कामयाब भी हुआ।
पहले तोड़ता था बाइक का लॉक
पुलिस के मुताबिक गैंग का सरगना शैलेंद्र उर्फ शीलू है, जो पैर से अपाहिज है। बताया गया कि शैलेंद्र 35 से 40 सेकेंड में बाइक चुरा लेता है। पहले बाइक का लॉक तोड़ता है और डुप्लीकेट चाबी लगाकर उसे ले जाता है। पुलिस ने बाइक के लॉक तोड़ने के औजार व डुप्लीकेट चाबी भी बरामद की है।
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हथेली से करता है बाइक स्टार्ट
आरोपी शैलेंद्र का एक पैर खराब है। जिसके चलते वह बाइक को हमेशा हाथ की हथेली से स्टार्ट करता है। पुलिस ने इस गैंग को लंगड़ा गैंग नाम दिया है। शैलेंद्र अपने गैंग में अधिकांश विकलांग लोगों को शामिल करता है। सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद पुलिस उसको पकड़ने में नाकाम रही। मेरठ, बुलंदशहर, नोएडा, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य कई जिलों में इसका नेटवर्क फैला है। आरोपियों ने बताया कि वह ऑन डिमांड बाइक चुराते थे। वह अधिकांश स्पेंलडर बाइक ही चोरी करते थे। चोरी की बाइक को वह 35 सौ से चार हजार रुपये तक में बेचते थे। पिछले दिनों से स्कूटी की डिमांड ज्यादा आ रही थी। बरामद दो बाइकों की पहचान हो गई है।
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एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी व एएसपी कैंट सिद्धार्थ मीणा ने रविवार को सदर बाजार थाने में प्रेसवार्ता कर दो आरोपी शैलेंद्र उर्फ शीलू पुत्र हरवीर सिंह निवासी पसौली औरंगाबाद बुलंदशहर व संदीप पुत्र लवकेश शर्मा निवासी देहरा स्याना बुलंदशहर को मीडिया से रूबरू कराया। एसपी सिटी ने बताया कि सदर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भूसा मंडी के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी प्रशांत उर्फ छोटू पुत्र रामबीर मुखिया निवासी खाद मोहननगर स्याना बुलंदशहर फरार हो गया। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर कैंट स्थित एक बाग से चोरी की एक स्कूटी व 12 बाइक बरामद की हैं। आरोपियों का टारगेट बैंक, बाजार, होटल, मंदिर, ढाबे और अस्पताल में खड़ी बाइक होती थी। आरोपी अब तक 100 से अधिक बाइक चोरी करके बेच चुके हैं। मुख्य आरोपी शैलेंद्र उर्फ शीलू तीन बार वाहन के चोरी करने के मामले में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद फिर से बाइक चोरी करने लगता है। कई बार शैलेंद्र पुलिस टीम को चकमा देने में कामयाब भी हुआ।
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पहले तोड़ता था बाइक का लॉक
पुलिस के मुताबिक गैंग का सरगना शैलेंद्र उर्फ शीलू है, जो पैर से अपाहिज है। बताया गया कि शैलेंद्र 35 से 40 सेकेंड में बाइक चुरा लेता है। पहले बाइक का लॉक तोड़ता है और डुप्लीकेट चाबी लगाकर उसे ले जाता है। पुलिस ने बाइक के लॉक तोड़ने के औजार व डुप्लीकेट चाबी भी बरामद की है।
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हथेली से करता है बाइक स्टार्ट
आरोपी शैलेंद्र का एक पैर खराब है। जिसके चलते वह बाइक को हमेशा हाथ की हथेली से स्टार्ट करता है। पुलिस ने इस गैंग को लंगड़ा गैंग नाम दिया है। शैलेंद्र अपने गैंग में अधिकांश विकलांग लोगों को शामिल करता है। सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद पुलिस उसको पकड़ने में नाकाम रही। मेरठ, बुलंदशहर, नोएडा, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य कई जिलों में इसका नेटवर्क फैला है। आरोपियों ने बताया कि वह ऑन डिमांड बाइक चुराते थे। वह अधिकांश स्पेंलडर बाइक ही चोरी करते थे। चोरी की बाइक को वह 35 सौ से चार हजार रुपये तक में बेचते थे। पिछले दिनों से स्कूटी की डिमांड ज्यादा आ रही थी। बरामद दो बाइकों की पहचान हो गई है।