{"_id":"6301b4c69c721b173452c9e5","slug":"lalit-raj-sharma-earned-a-lot-of-wealth-in-seven-years-after-getting-a-government-job","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UKSSSC Paper Leak Case: सरकारी नौकरी लगने के बाद बदल गया था ललित का रंग-ढंग, सात साल में कमाई अकूत संपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UKSSSC Paper Leak Case: सरकारी नौकरी लगने के बाद बदल गया था ललित का रंग-ढंग, सात साल में कमाई अकूत संपत्ति
Sun, 21 Aug 2022 10:00 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, धामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, धामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 21 Aug 2022 10:00 AM IST
सार
लोगों का कहना है कि सरकारी नौकरी लगने के बाद ललित राज शर्मा का लाइफ स्टाइल में काफी बदल गया था और उसने आस पड़ोस के लोगों से बात करना बंद कर दिया था। इस दौरान अकूत संपत्ति बनाई।
विज्ञापन
जेई ललित राज।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पेपर लीक मामले में गिरफ्तार ललित राज शर्मा को पहले ही अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा हो गया था और वह मां की बीमारी का बहाना बनाकर करीब 16 दिन पहले छुट्टी लेकर चला आया था। धामपुर के जिस विवाह मंडप से उसे गिरफ्तार किया गया, उसमें उसकी साझेदारी की बात भी सामने आ रही है।
लोगों का कहना है कि सरकारी नौकरी लगने के बाद उसका लाइफ स्टाइल में काफी बदल गया था और उसने आस पड़ोस के लोगों से बात करना बंद कर दिया था। इस दौरान अकूत संपत्ति बनाई। मोहल्ला बाड़वान में रहने वाले ललित राज शर्मा की वर्ष 2015 में सहारनपुर नगर निगम के जलकल विभाग में नौकरी लगी थी।
साल 2016 में उसकी शादी रुड़की निवासी मोनिका शर्मा से हुई। मोनिका के पिता की रुड़की में राजनीति में मजबूत पकड़ है। शादी के कुछ समय बाद ही वह पत्नी की भी सरकारी नौकरी लगवाने की जुगत में लग गया। वर्ष 2019 में मोनिका की देहरादून के जल विद्युत निगम लिमिटेड में अवर अभियंता के पद नियुक्ति हो गई।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि बाद में उसके संबंध पेपर लीक मास्टरमाइंड उत्तराखंड निवासी हाकम सिंह से हो गए। हाकम सिंह पर विश्वास होने के बाद ललित भी उसके गिरोह में सक्रिय हो गया। बेरोजगारों को नौकरी, उच्च स्तरीय परीक्षा में पास कराने की गारंटी देने लगा था। ललित के घर पर ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के 20 से अधिक अभ्यर्थियों को पेपर सॉल्व कराया गया। दो दिन पहले धामपुर से एसटीएफ ने ललित को गिरफ्तार किया तो मोहल्लेवासियों उसकी करतूतों का पता चला।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि सरकारी नौकरी लगने के बाद उसका लाइफ स्टाइल में काफी बदल गया था और उसने आस पड़ोस के लोगों से बात करना बंद कर दिया था। इस दौरान अकूत संपत्ति बनाई। मोहल्ला बाड़वान में रहने वाले ललित राज शर्मा की वर्ष 2015 में सहारनपुर नगर निगम के जलकल विभाग में नौकरी लगी थी।
विज्ञापन
साल 2016 में उसकी शादी रुड़की निवासी मोनिका शर्मा से हुई। मोनिका के पिता की रुड़की में राजनीति में मजबूत पकड़ है। शादी के कुछ समय बाद ही वह पत्नी की भी सरकारी नौकरी लगवाने की जुगत में लग गया। वर्ष 2019 में मोनिका की देहरादून के जल विद्युत निगम लिमिटेड में अवर अभियंता के पद नियुक्ति हो गई।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि बाद में उसके संबंध पेपर लीक मास्टरमाइंड उत्तराखंड निवासी हाकम सिंह से हो गए। हाकम सिंह पर विश्वास होने के बाद ललित भी उसके गिरोह में सक्रिय हो गया। बेरोजगारों को नौकरी, उच्च स्तरीय परीक्षा में पास कराने की गारंटी देने लगा था। ललित के घर पर ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के 20 से अधिक अभ्यर्थियों को पेपर सॉल्व कराया गया। दो दिन पहले धामपुर से एसटीएफ ने ललित को गिरफ्तार किया तो मोहल्लेवासियों उसकी करतूतों का पता चला।
ललित राज शर्मा की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीम पिछले एक सप्ताह से धामपुर में दबिश दे रही थी। एसटीएफ की टीम मोहल्ले में और उसके घर पर आकर घंटों उसकी कुंडली खंगालती रही, लेकिन घर पर ताला लगा होने के कारण हर बार वह एसटीएफ से बचता रहा।
आखिरकार दो दिन पहले एसटीएफ की टीम उसे एक मंडप से दबोच लिया और अपने साथ देहरादून ले गई। एसटीएफ ने जिस मंडप से ललित राज शर्मा को हिरासत में लिया है। उसी मंडप में ललित राज शर्मा की साझेदारी का दावा मोहल्लेवासी कर रहे हैं।
आखिरकार दो दिन पहले एसटीएफ की टीम उसे एक मंडप से दबोच लिया और अपने साथ देहरादून ले गई। एसटीएफ ने जिस मंडप से ललित राज शर्मा को हिरासत में लिया है। उसी मंडप में ललित राज शर्मा की साझेदारी का दावा मोहल्लेवासी कर रहे हैं।